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मुंबई बनेगा AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र, महाराष्ट्र सरकार ने मेगा प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार
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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में विशाल ग्रीन डेटा सेंटर पार्क और AI कंप्यूट हब विकसित करने के लिए एक बड़े निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

ये समझौता ‘एएम इंटेलिजेंस लैब्स प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ किया गया है, जिसके तहत करीब 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि ये परियोजना महाराष्ट्र को देश के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और डिजिटल हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

ग्रीन डेटा सेंटर और AI हब पर रहेगा फोकस

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मुंबई में अत्याधुनिक ‘इंटीग्रेटेड ग्रीन डेटा सेंटर पार्क’ और ‘AI कंप्यूट हब’ बनाया जाएगा। खास बात ये है कि ये पूरी परियोजना अक्षय ऊर्जा आधारित होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा खपत को कम किया जा सकेगा।

सरकार का उद्देश्य ऐसे डेटा सेंटर विकसित करना है जो आधुनिक तकनीक से लैस होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हों। आने वाले समय में ये हब AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

8 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

इस प्रोजेक्ट से राज्य में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, परियोजना के जरिए करीब 8 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होंगे। इनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, टेक्निकल ऑपरेशन टीम और अन्य हाई-टेक सेक्टर से जुड़े पेशेवर शामिल होंगे।

इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान लगभग 2 हजार अतिरिक्त रोजगार भी पैदा होंगे। इससे राज्य के युवाओं को उभरती तकनीकों और डिजिटल सेक्टर में नए अवसर मिल सकेंगे।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

ये परियोजना 500 मेगावाट क्षमता की होगी और इसमें करीब 2.5 लाख हाई-कैपेसिटी AI चिपसेट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा।

पहले चरण में 200 मेगावाट क्षमता का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दूसरे चरण में 300 मेगावाट क्षमता का विस्तार वर्ष 2030 तक किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी क्षमता वाला AI कंप्यूट हब भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकता है और वैश्विक टेक कंपनियों को भी आकर्षित कर सकता है।

महाराष्ट्र को AI क्षेत्र में अग्रणी बनाने की तैयारी

ये परियोजना महाराष्ट्र की सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2023 और ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क नीति 2024 के तहत विकसित की जाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र को AI, डेटा स्टोरेज और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अग्रणी बनाना है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगी। ऐसे में महाराष्ट्र को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री समिति कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग विभाग और कंपनी से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, उद्योग विकास आयुक्त दीपेंद्र सिंह कुशवाह, सह सचिव डॉ. श्रीकांत पुलकुंडवार, सह सचिव लक्ष्मीकांत ढोके, एएम इंटेलिजेंस लैब्स के अध्यक्ष अनिल चलमलाशेट्टी, निदेशक मौर्य पायदा और उपाध्यक्ष पंकज कुमार शामिल थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये परियोजना महाराष्ट्र को डिजिटल निवेश और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए सबसे पसंदीदा राज्यों में शामिल कर सकती है।

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