नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय के पास रविवार देर रात हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में इस घटना को गैंगवार और ड्रग तस्करी से जुड़ा मामला माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, नागपुर के रेशिमबाग इलाके में स्थित RSS मुख्यालय के पास देर रात अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और अवैध कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते फायरिंग की घटना सामने आई। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि RSS मुख्यालय को सीधे तौर पर कोई खतरा नहीं था, लेकिन घटना संवेदनशील क्षेत्र में होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों की मदद से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास से हथियार और कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग का संबंध किसी बड़े ड्रग नेटवर्क या संगठित अपराध गिरोह से तो नहीं है।
घटना के बाद नागपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते अपराध और अवैध गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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