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NEET 2026 पेपर लीक मामला: लातूर के बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट पर CBI का शिकंजा

NEET 2026 पेपर लीक
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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 पेपर लीक मामले में अब जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक चर्चित कोचिंग इंस्टीट्यूट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

लातूर के कोचिंग संस्थान पर क्यों पहुंची CBI?

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले थे कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराने के बदले भारी रकम ली गई थी। इसी आधार पर CBI ने लातूर के इस हाई-प्रोफाइल कोचिंग संस्थान की जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि संस्थान का सालाना कारोबार करोड़ों रुपये में है और ये मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले बड़े नामों में शामिल माना जाता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में कोचिंग संचालकों, दलालों और बाहरी लोगों की क्या भूमिका थी।

मोबाइल चैट और बैंक ट्रांजैक्शन बने जांच का आधार

CBI की शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। एजेंसी को शक है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम लेकर पेपर उपलब्ध कराने की डील की गई थी।

जांच टीम ने संस्थान से जुड़े कई कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। फॉरेंसिक जांच के जरिए अब डेटा खंगाला जा रहा है ताकि पूरे रैकेट की सच्चाई सामने लाई जा सके।

देशभर तक फैला हो सकता है नेटवर्क

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें संगठित तरीके से काम किया गया।

CBI अब उन छात्रों, अभिभावकों और मध्यस्थों से पूछताछ कर रही है जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं। आने वाले दिनों में कई और लोगों पर कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की खबरों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों ने कहा कि वे सालों की मेहनत और कड़ी तैयारी के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देती हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत नहीं किया गया तो छात्रों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

परीक्षा प्रणाली पर उठे बड़े सवाल

इस पूरे मामले ने देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और डेटा सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल CBI की जांच लगातार जारी है और एजेंसी जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे कर सकती है।

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