मुंबई

मुंबई की 600 सड़कें अधूरी, मानसून में डूब सकते हैं 1000 करोड़ रुपये!

मुंबई
Image Source - Web

मुंबई में सड़कें बनाने का बड़ा काम चल रहा है। बीएमसी यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका शहर की सड़कों को पक्का और मजबूत बनाने के लिए कंक्रीट की सड़कें बना रही है। इस काम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन अब तक कई सड़कों का काम अधूरा रह गया है। अब मानसून शुरू होने वाला है, जिससे काम रुक सकता है और सरकार का पैसा बर्बाद हो सकता है।

कितना काम हुआ और कितना बाकी है?

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार:

  • कुल 2175 सड़कें बनानी थीं, जिनकी लंबाई करीब 714 किलोमीटर है।
  • जून 2026 तक सिर्फ 1575 सड़कें पूरी हो पाईं।
  • करीब 325 सड़कें आधी-अधूरी हैं।
  • 275 सड़कों पर काम शुरू भी नहीं हुआ।
  • कुल मिलाकर लगभग 600 सड़कें अभी भी अधूरी हैं।

दक्षिण मुंबई और कुछ बीच के इलाकों में देरी ज्यादा है। वहीं बोरिवली-दहिसर जैसे इलाकों में काम बेहतर चला। बीएमसी ने कहा था कि 31 मई तक सब काम पूरा कर लो, ताकि बारिश शुरू होने से पहले सड़कें चलने लायक हो जाएं। लेकिन ये लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

कितने रुपये खर्च हो रहे हैं?

इस पूरे प्रोजेक्ट पर 17,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। साल 2026-27 में ही इस काम के लिए 5,520 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पहले हर साल गड्ढे भरने पर 150 से 400 करोड़ रुपये खर्च होते थे। नई सड़कें बन जाने से ये खर्च कम होने की उम्मीद थी।

बारिश में काम रुकने से कितनी बर्बादी?

जून में मानसून शुरू होते ही सड़क बनाने का काम बंद हो जाता है। अधूरी सड़कों पर जो काम हुआ है, वो बारिश में खराब हो सकता है। फिर दोबारा खुदाई, नई सामग्री और मरम्मत करनी पड़ेगी।

अनुमानित नुकसान:

  • अधूरी 600 सड़कों पर करीब 150-200 किलोमीटर काम प्रभावित होगा।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अधूरे काम में 20 से 40 प्रतिशत extra खर्च हो सकता है।
  • इस हिसाब से 800 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा पैसा बर्बाद हो सकता है।
  • बारिश में सड़कें खराब होने से गड्ढे फिर बनेंगे, जाम बढ़ेगा, गाड़ियां खराब होंगी और लोगों को परेशानी होगी।

क्या करना चाहिए?

बीएमसी को चाहिए कि काम का प्लान मौसम को ध्यान में रखकर बनाए। काम की नियमित जांच हो। लोगों को सही जानकारी दी जाए, और अगली बार यूटिलिटी (पानी, बिजली के पाइप) पहले शिफ्ट कर ली जाए।

मुंबई की सड़कें बेहतर बनाने के लिए ये काम जरूरी है। लेकिन अगर प्लानिंग सही न हुई तो लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। उम्मीद है कि बीएमसी जल्दी अधूरे काम को संभाले और बारिश में लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

ये जानकारी जून 2026 तक उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। असल स्थिति में कुछ बदलाव हो सकता है।

ये भी पढ़ें: धरती पर बढ़ेगा आग जैसा तापमान? UN चीफ बोले- वैश्विक मौसम को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है El Nino

You may also like