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मुंबई में रेस्टोरेंट टूटे, सवाल नहीं: आखिर किसकी निगरानी में खड़े हुए ये निर्माण?

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मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित लोअर ओशिवरा मेट्रो स्टेशन के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका, यानि BMC ने कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इलाके के फेमस रेस्टोरेंटों पर बुलडोजर चला दिया।

सबसे बड़ा सवाल: अगर निर्माण अवैध था तो वर्षों तक चलता कैसे रहा?
कार्रवाई के दायरे में टॉस्केनो, फू और एंग्री सरदार जैसे जाने माने रेस्टोरेंट शामिल हैं। कुछ ही घंटों में इन establishments के बाहरी ढांचे और कथित अवैध हिस्सों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और बीएमसी अधिकारी भी मौजूद रहे।हालांकि बुलडोजर की ये कार्रवाई खत्म होने के बाद एक बार फिर कई पुराने सवाल सामने आ खड़े हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल: अगर निर्माण अवैध था तो वर्षों तक चलता कैसे रहा? आम नागरिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि ये संरचनाएं वास्तव में अवैध थीं, तो इनका निर्माण आखिर हुआ कैसे और क्यों हुआ?

मुंबई जैसे महानगर में किसी भी Business establishment को Construction, Expansion या External structure तैयार करने के लिए कई विभागों से परमिशन लेनी पड़ती है। ऐसे में अगर किसी Construction के पास Required permission नहीं थी, तो वो खुलेआम सालों तक संचालित कैसे होता रहा? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी? क्या निरीक्षण प्रक्रिया में कोई चूक हुई? या फिर कार्रवाई तब तक टाल दी गई जब तक मामला किसी शिकायत, जांच या विशेष अभियान का हिस्सा नहीं बन गया? ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब आम नागरिक जानना चाहते हैं।

कार्रवाई के दौरान हुई संपत्ति क्षति का मुद्दा भी उठा
इतना ही नहीं, इस बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक और विवाद सामने आया। Restaurant premises के पास पार्किंग एरिया में बड़ी संख्या में बाइक खड़े थे। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की बाइक को नुकसान भी पहुंचा।

जवाब मांगने पर अधिकारियों ने क्या कहा?
ऐसे में जब हमने वहां मौजूद बीएमसी को सेनानायकों से बात करने की कोशिश की, कि आखिर ऐसी लापरवाही कैसे हुई, और अगर हुई तो इसकी भरपाई कौन करेगा। तब उन्होंने साफ तौर पर यही कहा कि वो इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। वैसे आपको क्या लगता है ऐसा क्यों होता है और कौन है इन सबका जिम्मेदार ?

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