दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है और इससे कई मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सूची को सही और अपडेट रखना है।
दिल्ली में जंतर-मंतर समेत कुछ इलाकों में प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए SIR प्रक्रिया की समीक्षा और अधिक पारदर्शिता की मांग की जा रही है।
मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कुछ विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों की मांगों के समर्थन में सामने आए हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत होने वाली कार्रवाई बता रहा है।
फिलहाल दिल्ली में जारी विरोध का केंद्र CEC का इस्तीफा, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है।
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