देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गया है। समुद्र में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, ये सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके और शक्तिशाली होने तथा आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है।
इस नए मौसमी सिस्टम को देखते हुए समुद्री और तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है।
बंगाल की खाड़ी में कैसे बन रहा है नया तूफानी सिस्टम?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में 29 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बना था। ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक ये दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के अंडमान-निकोबार क्षेत्र में डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, डिप्रेशन बनने के बाद भी इस सिस्टम की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। अगले कुछ दिनों में इसकी दिशा और ताकत के आधार पर इसके आगे का प्रभाव स्पष्ट होगा।
क्या फिर आएगा चक्रवाती तूफान?
बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस सिस्टम के चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार, डिप्रेशन बनने के बाद ये और मजबूत हो सकता है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है।
हालांकि, कम दबाव का क्षेत्र, डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान मौसम प्रणाली के अलग-अलग चरण हैं। हर डिप्रेशन का चक्रवाती तूफान में बदलना जरूरी नहीं होता। इसलिए अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि देश के तट पर एक और चक्रवाती तूफान दस्तक देगा।
किन राज्यों में हो सकती है भारी बारिश?
नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, इन क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
आंध्र प्रदेश: तटीय इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
ओडिशा: दक्षिणी तटीय इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं।
बिहार: कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अंडमान-निकोबार: समुद्र में खराब मौसम और भारी बारिश की आशंका है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इसके अलावा मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहने का अनुमान है।
समुद्र में उठ सकती हैं ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के कारण समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। 31 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। समुद्र में पहले से मौजूद मछुआरों को भी सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर लौटने की हिदायत दी गई है।
चक्रवात अर्नब का असर भी जारी
इस बीच, हाल ही में आए चक्रवाती तूफान अर्नब का अवशेष भी मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। तूफान कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके कारण छत्तीसगढ़, ओडिशा और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
एक तरफ अर्नब का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित हो रहा है। मौसम की इन दोनों गतिविधियों के कारण देश के पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम
बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में ये कितना मजबूत होगा और आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, ये आगे के मौसम अपडेट से स्पष्ट होगा।
फिलहाल तटीय राज्यों के लोगों, मछुआरों और समुद्र के आसपास रहने वाले नागरिकों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
खास बात: अभी नए सिस्टम के चक्रवाती तूफान में बदलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे संभावित तूफानी सिस्टम के तौर पर ही देखना चाहिए, न कि निश्चित चक्रवात के रूप में।
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