आज जिस साइकिल का इस्तेमाल दुनिया भर में करोड़ों लोग करते हैं, उसकी शुरुआत 12 जून 1817 को हुई थी। इसी दिन जर्मनी के प्रसिद्ध आविष्कारक बैरन कार्ल वॉन ड्रैस (Baron Karl von Drais) ने दुनिया की पहली साइकिल की सफल सवारी कर इतिहास रच दिया था।
कार्ल वॉन ड्रैस द्वारा बनाई गई इस शुरुआती साइकिल को “ड्रैसिएन” (Draisienne), “लॉफमशीन” (Laufmaschine) और “डैंडी हॉर्स” (Dandy Horse) के नाम से जाना जाता था। यह पूरी तरह लकड़ी से बनी हुई थी और इसमें आज की आधुनिक साइकिल की तरह पैडल, चेन या गियर जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
इस अनोखे वाहन को चलाने के लिए सवार को सीट पर बैठकर अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धक्का देना पड़ता था, जिससे साइकिल आगे बढ़ती थी। उस दौर में यह आविष्कार परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना गया और बाद में यही डिजाइन आधुनिक साइकिल के विकास की नींव बनी।
12 जून 1817 को हुई यह ऐतिहासिक सवारी मानव इतिहास में व्यक्तिगत परिवहन के नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज है। आज से करीब 209 साल पहले शुरू हुआ यह सफर समय के साथ विकसित होकर आधुनिक साइकिल के रूप में दुनिया के सबसे लोकप्रिय और पर्यावरण अनुकूल साधनों में शामिल हो चुका है।
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