मुंबई के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को वर्ली बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया, जिसे एशिया के सबसे बड़े शहरी नवीनीकरण कार्यक्रमों में गिना जा रहा है। माटुंगा (पश्चिम) स्थित यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह में आयोजित इस समारोह में 556 पात्र परिवारों को नए 2BHK फ्लैटों की चाबियां सौंपी गईं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजित पवार, वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना की खासियत
म्हाडा के मुंबई हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा संचालित इस योजना के तहत पहले चरण में बिल्डिंग नंबर 01 के डी और ई विंग के निवासियों का पुनर्वास किया गया है। वर्ली की 121 पुरानी चॉलों के 9,689 निवासियों को पुनर्वासित करने की योजना है। जिन परिवारों के पास पहले 160 वर्ग फुट का कमरा था, उन्हें अब 500 वर्ग फुट कार्पेट एरिया वाला मुफ्त 2BHK फ्लैट मिलेगा। 40 मंजिला 34 टावरों में पार्किंग, लैंडस्केप गार्डन, स्कूल, अस्पताल, जिम, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स और टिकाऊ ढांचा शामिल होगा।
विरासत और भविष्य की योजना
परियोजना में जांबोरी मैदान और आंबेडकर मैदान जैसे ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित किया जाएगा, साथ ही एक पुरानी चॉल को संग्रहालय में बदला जाएगा। दिसंबर 2025 तक म्हाडा का लक्ष्य वर्ली, एन.एम. जोशी मार्ग और नायगांव में 3,989 अतिरिक्त फ्लैट पूरे करना है। कुल 86 एकड़ में फैली इस परियोजना में 207 चॉलों के 15,593 निवासियों का पुनर्विकास किया जाएगा।
यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल हजारों परिवारों को नया घर देगा, बल्कि मुंबई के आवासीय ढांचे में भी ऐतिहासिक बदलाव लाएगा।
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