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Malacca Strait बना ग्लोबल टेंशन पॉइंट, जानें भारत के लिए क्यों है जरूरी और अगर बंद हुआ तो क्या होगा?

Malacca Strait
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दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) इन दिनों वैश्विक रणनीति और व्यापारिक चिंताओं के केंद्र में है। पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो चुकी है, और अब मलक्का को लेकर बढ़ती हलचल भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का कारण बन रही है।

क्या है मलक्का जलडमरूमध्य?

मलक्का जलडमरूमध्य हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ये इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप और मलेशिया-थाईलैंड के बीच स्थित है। लगभग 800 किलोमीटर लंबा ये रास्ता दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रूट्स में से एक है।

हर साल करीब 90,000 जहाज इस मार्ग से गुजरते हैं और वैश्विक व्यापार का लगभग 40% हिस्सा इसी रास्ते से होता है। तेल, गैस, कारें, सेमीकंडक्टर्स और अन्य जरूरी सामान इसी रूट से एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचते हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है ये रूट?

भारत के लिए मलक्का जलडमरूमध्य रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

  • भारत के समुद्री व्यापार का करीब 60% इसी मार्ग से गुजरता है।
  • तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात होता है।
  • भारत और चीन के बीच ये सबसे छोटा समुद्री मार्ग है।

यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा भारत की सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका-इंडोनेशिया डील से क्यों बढ़ी चिंता?

हाल ही में अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच हुए रक्षा समझौते ने इस क्षेत्र में नई रणनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस समझौते के तहत अमेरिका को इंडोनेशिया के एयरस्पेस में सैन्य गतिविधियों की अनुमति मिल गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका को मलक्का जलडमरूमध्य पर नजर रखने और अपनी रणनीतिक मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलेगी। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका पहले ही होर्मुज क्षेत्र में सक्रिय है और अब अन्य महत्वपूर्ण समुद्री चोक पॉइंट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

अगर मलक्का बंद हुआ तो क्या होगा?

अगर किसी कारणवश मलक्का जलडमरूमध्य की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा:

  • तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है
  • कार और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा
  • सेमीकंडक्टर और अन्य जरूरी सामान की कमी हो सकती है
  • शिपिंग लागत और समय दोनों बढ़ जाएंगे

कुल मिलाकर, भारत की अर्थव्यवस्था और उद्योगों को बड़ा झटका लग सकता है।

भारत की रणनीतिक तैयारी

भारत इस क्षेत्र के महत्व को समझते हुए अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रहा है। अंडमान-निकोबार कमांड मलक्का के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र है। इसके अलावा, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के तहत एक रणनीतिक शहर और एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में व्यापार और सुरक्षा दोनों के लिए अहम होगा।

साथ ही, भारत ने हाल के वर्षों में सिंगापुर जैसे देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में समुद्री गश्त और सुरक्षा सहयोग भी बढ़ाया है।

कौन करता है नियंत्रण?

मलक्का जलडमरूमध्य पर मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर का नियंत्रण है। लेकिन इसकी वैश्विक अहमियत के कारण दुनिया की बड़ी शक्तियां भी इस पर नजर बनाए रखती हैं।

मलक्का जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन है। इस पर किसी भी तरह का संकट भारत जैसे देशों के लिए गंभीर आर्थिक और रणनीतिक चुनौती बन सकता है। बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत के लिए इस क्षेत्र में अपनी तैयारी और साझेदारी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।

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