तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल तेज होता जा रहा है। इसी बीच Mallikarjun Kharge के प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर दिए गए बयान ने देशभर की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बयान के बाद जहां सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (बीजेपी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, वहीं कांग्रेस को भी सफाई देनी पड़ी।
चेन्नई में बयान से बढ़ा विवाद
मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को Chennai में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने AIADMK और बीजेपी के बीच गठबंधन पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी कर दी। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
बीजेपी का तीखा पलटवार
बीजेपी ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कहा कि कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री का अपमान करती रही है और इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग भी की।
Afzal Yakub & Naxals are innocent
But for CongressChaiwala OBC PM is terrorist
RSS is poisonous snake
Sanatan is DiseaseThis is Cong ki Sanvidhan virodhi Nafrati dukaan
They are giving clean chit to Jihad & abusing elected PM
175 abuses so far pic.twitter.com/pSfXO6EqpQ
— Shehzad Jai Hind (Chowkidar as per INC ecosystem) (@Shehzad_Ind) April 21, 2026
खरगे की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद Mallikarjun Kharge ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा प्रधानमंत्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना नहीं था, बल्कि वे ये बताना चाहते थे कि केंद्र सरकार विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने ये भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग (IT) और Central Bureau of Investigation जैसी संस्थाओं के जरिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, और इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी थी।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी
तमिलनाडु में आगामी चुनाव को देखते हुए ये विवाद और भी ज्यादा तूल पकड़ रहा है। M. K. Stalin के नेतृत्व वाली राजनीति और क्षेत्रीय दलों की भूमिका पर भी बयानबाजी तेज हो गई है।
तमिलनाडु चुनाव 2026 से पहले ये विवाद दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। हालांकि बयान पर सफाई दी जा चुकी है, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति अभी थमती नजर नहीं आ रही है और आने वाले दिनों में ये और भी गरमा सकता है।


























