मंगलवार को तमिलनाडु में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने एक सभा में बोलते हुए पीएम मोदी को “आतंकवादी” कह दिया, जिसके बाद ये बयान तेजी से चर्चा और आलोचना का विषय बन गया।
इसके बाद चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने AIADMK (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के भाजपा के साथ गठबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि AIADMK का प्रधानमंत्री मोदी के साथ हाथ मिलाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
View this post on Instagram
खड़गे ने क्या कहा?
खड़गे ने अपने बयान में कहा कि, AIADMK का प्रधानमंत्री मोदी के साथ गठबंधन करना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और उनकी पार्टी समानता और न्याय के सिद्धांतों में विश्वास नहीं रखते। उनके अनुसार, इस तरह के गठबंधन लोकतंत्र को कमजोर कर सकते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। भाजपा की ओर से इस पर कड़ी आपत्ति जताई जा सकती है, वहीं अन्य दल भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
चुनावी माहौल में इस तरह के बयान अक्सर राजनीतिक बहस को तेज कर देते हैं, लेकिन साथ ही ये भी सवाल उठता है कि क्या इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती है। आने वाले दिनों में ये मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
























