मुंबई में होटल, रेस्तरां, बार और पार्टी हॉल में बढ़ते अग्नि हादसों को रोकने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का अग्निशमन विभाग अब पहले से अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाए जाने पर लंबी मोहलत नहीं दी जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं होने पर बिजली तथा पानी की आपूर्ति तक बंद की जा सकती है।
फायर सेफ्टी निरीक्षण अभियान तेज
अग्निशमन विभाग के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक मुंबई के 428 होटल, रेस्तरां, बार और पार्टी हॉल का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान 17 प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी सिस्टम या तो बंद पाया गया या पूरी तरह अनुपस्थित मिला। ऐसे सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से उन जगहों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।
दिल्ली की दर्दनाक घटना के बाद बढ़ी सतर्कता
मुंबई में ये अभियान दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां में लगी भीषण आग की घटना के बाद और तेज किया गया है। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद देशभर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
इसी पृष्ठभूमि में मुंबई अग्निशमन विभाग ने होटल और रेस्तरां की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू की है ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।
अब नहीं मिलेगी 120 दिनों की राहत
पहले फायर सेफ्टी में कमी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए लगभग 120 दिनों का समय दिया जाता था। लेकिन अब नियमों में सख्ती करते हुए ये अवधि काफी कम कर दी गई है।
महाराष्ट्र फायर सर्विस एक्ट के तहत अब संबंधित अधिकारियों द्वारा केवल दो सप्ताह से एक महीने तक का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण और व्यवस्थाएं स्थापित नहीं की जाती हैं, तो प्रशासन बिजली और पानी का कनेक्शन काटने जैसी कठोर कार्रवाई कर सकता है।
जांच और नोटिस के आंकड़े
अग्निशमन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान मुंबई में 2,721 होटल, बार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया था। इनमें से 22 स्थानों पर अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए थे।
वहीं वर्ष 2026 में अब तक 428 प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 17 जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम की गंभीर कमियां सामने आई हैं।
अवैध गैस सिलेंडरों पर भी कार्रवाई
फायर सेफ्टी के साथ-साथ अग्निशमन विभाग अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे गैस सिलेंडरों के खिलाफ भी अभियान चला रहा है। होटल और रेस्तरां में सिलेंडर विस्फोट की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 190 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 58 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि अवैध सिलेंडरों का उपयोग बड़े हादसों का कारण बन सकता है, इसलिए इस पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता
BMC का कहना है कि फायर सेफ्टी नियम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। होटल, रेस्तरां और पार्टी हॉल संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह कार्यरत रहें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब पहले से अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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