Thane cyber fraud: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में साइबर अपराधियों ने एक 57 वर्षीय बुजुर्ग को गैस बिल के नाम पर फंसाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। पीड़ित ने अपना गैस बिल पहले ही ऑनलाइन जमा कर दिया था, फिर भी फर्जी मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक खाते से 9 लाख 8 हजार रुपये चोरी हो गए।
घटना की पूरी डिटेल
कल्याण (ठाणे) निवासी 57 वर्षीय बुजुर्ग ने 19 मई से 1 जून 2026 के बीच ये ठगी का शिकार होने की शिकायत खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
- पीड़ित व्यक्ति ने अपना गैस बिल पहले ही पे कर दिया था।
- इसके बावजूद उनके मोबाइल पर एक फर्जी मैसेज आया जिसमें लिखा था कि “आपका गैस बिल अभी जमा नहीं हुआ है”।
- मैसेज में एक APK लिंक दिया गया था।
- बुजुर्ग ने लिंक पर क्लिक किया, जिससे उनके फोन में “गैस बिल” नाम का नकली एप्लिकेशन डाउनलोड हो गया।
ठगी कैसे हुई?
- फर्जी ऐप इंस्टॉल होने के बाद ठगों ने पीड़ित से 12 रुपये का छोटा भुगतान करने को कहा (डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए)।
- भुगतान असफल होने पर ठगों ने फोन की कुछ सेटिंग्स बदलने के लिए कहा।
- सेटिंग्स बदलते ही ठगों को पीड़ित के पूरे मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस मिल गया।
- इसके तुरंत बाद तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन करके ठगों ने ₹9,08,000 निकाल लिए।
- बुजुर्ग को जब फोन में गड़बड़ी नजर आई तो उन्होंने कॉल काट दी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस कार्रवाई
खड़कपाड़ा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और ठगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
- कभी भी अनजान मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक न करें, खासकर APK फाइल वाले लिंक।
- बिल पेमेंट के लिए हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें।
- फोन पर अनजान ऐप इंस्टॉल करने से पहले दो बार सोचें।
- अगर संदेह हो तो तुरंत बैंक को कॉन्टैक्ट करें और खाते को ब्लॉक करवाएं।
ये मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग बुजुर्गों और आम नागरिकों को सरकारी बिल, बैंक अलर्ट या लॉटरी के नाम पर आसानी से निशाना बनाते हैं। डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ-साथ सतर्कता भी जरूरी है।
नोट: ये एक चल रही जांच का मामला है। पुलिस आगे की छानबीन कर रही है।






























