देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए अहम जानकारी साझा की है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के अनुसार, हाल के दिनों में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक परिस्थितियों का असर अभी भी बना हुआ है।
वैश्विक हालात का असर, फिर भी सुधार के संकेत
US–Iran tensions के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति में आंशिक सुधार देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता, 99% तक डिलीवरी
सरकार ने बताया कि घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी लगभग 99 प्रतिशत तक सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया है।
DAC सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी में भी तेजी आई है। ये कोड उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जिससे गैस डिलीवरी की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनती है। इसके चलते कुल डिलीवरी में करीब 92 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रविवार को भी काम कर रहे डिस्ट्रीब्यूटर्स
सरकार के अनुसार, कई LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स अब रविवार को भी काम कर रहे हैं ताकि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
कमर्शियल एलपीजी की स्थिति में सुधार
कमर्शियल LPG सिलेंडर की उपलब्धता को भी धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। प्री-क्राइसिस स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक आवंटन बढ़ाया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त सुधारात्मक आवंटन शामिल है।
पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन औसतन 7,000 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है।
छोटे सिलेंडर की बढ़ती मांग
23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलो के फ्री ट्रेड LPG सिलेंडरों की 18.45 लाख से अधिक यूनिट्स बेची जा चुकी हैं, जो उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को दर्शाती है।
गैस कंपनियां और योजना पर काम जारी
Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति राज्य सरकारों और उद्योग से जुड़े पक्षों के साथ मिलकर कमर्शियल एलपीजी वितरण को बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रही है।
PNG कनेक्शन की ओर बढ़ते उपभोक्ता
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 से अब तक 4.93 लाख से अधिक नए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। वहीं 5.51 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।
इसके अलावा, MYPNGD.in वेबसाइट के जरिए करीब 39,200 उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
LPG गैस को लेकर फैली अफवाहों के बीच सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस की सप्लाई सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। बढ़ती बुकिंग और मजबूत डिलीवरी सिस्टम के चलते उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
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