महाराष्ट्र के लातूर जिले के अहमदपुर क्षेत्र स्थित एक निजी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में छात्रों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। बाइक को नुकसान पहुंचाने के शक में एक शिक्षक द्वारा 32 छात्रों की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई किए जाने के आरोप में पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ये घटना 21 फरवरी की रात अहमदपुर कस्बे के पास स्थित एक प्राइवेट रेजिडेंशियल स्कूल के हॉस्टल में हुई।
बाइक क्षतिग्रस्त होने के शक से भड़का शिक्षक
पुलिस के अनुसार, हॉस्टल में पांचवीं से दसवीं कक्षा तक के छात्र निवास करते हैं। आरोप है कि स्कूल के शिक्षक उज्ज्वल प्रकाश सोनी को संदेह था कि कुछ छात्रों ने उनकी बाइक को नुकसान पहुंचाया है।
इसी शक के आधार पर शिक्षक देर रात हॉस्टल पहुंचे और कई छात्रों को बाहर बुलाकर पूछताछ करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान शिक्षक ने आपा खो दिया और छात्रों को डंडे से पीटना शुरू कर दिया।
डंडे से की गई पिटाई, कई छात्र घायल
आरोप है कि शिक्षक ने एक-एक कर कई छात्रों की लाठी से पिटाई की, जिससे कम से कम 32 छात्र प्रभावित हुए। मारपीट के कारण कुछ छात्रों के शरीर पर गंभीर लाल निशान पड़ गए और कई को चोटें आईं। घायल छात्रों का प्राथमिक उपचार कराया गया है।
घटना के दौरान छात्र बुरी तरह सहम गए। कई बच्चे रोते हुए हॉस्टल स्टाफ के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी।
धमकी देने का भी आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी शिक्षक ने कथित रूप से छात्रों को ये कहकर धमकाया कि वो जल्द ही स्कूल का प्रधानाचार्य बनने वाला है और तब वो उनसे “ठीक तरह से निपटेगा।” इस धमकी से छात्र और अधिक भयभीत हो गए।
अगले दिन जब स्कूल प्रशासन को घटना की जानकारी मिली, तो तुरंत आंतरिक जांच शुरू की गई।
स्कूल प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज
स्कूल की प्रधानाचार्या जेबा नादर ने अहमदपुर पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उज्ज्वल प्रकाश सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
मेडिकल जांच और बयान दर्ज
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। छात्रों और हॉस्टल कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जिन छात्रों को चोटें आई हैं, उनकी मेडिकल जांच कराई गई है ताकि साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें।
यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की है।
स्कूल प्रशासन ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रिंसिपल ने बयान जारी कर कहा कि ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है, और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया जाएगा।
लातूर के इस मामले ने स्कूलों और हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
ये मामला शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और छात्रों के अधिकारों के संतुलन पर भी एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: नालासोपारा में मानसिक रूप से अस्वस्थ भाई ने बहन की कोयते से की हत्या, मां को भी किया घायल































