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ICC T20 World Cup 2026: संजू का ‘सैम-तूफान’; वेस्टइंडीज पस्त, सेमीफाइनल में टीम इंडिया

ICC T20 World Cup 2026
ICC T20 World Cup 2026

ICC T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप में रविवार का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया। करो या मरो के मुकाबले में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के 196 रनों के विशाल लक्ष्य को 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने शान से सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस अविश्वसनीय रन चेज के एकमात्र सूत्रधार रहे संजू सैमसन, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से कैरेबियाई गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए।

संजू की ‘विराट’ पारी: 97 रनों का धमाका
शुरुआती मैचों में प्लेइंग-11 से बाहर रहने वाले संजू सैमसन को इस वर्ल्ड कप में केवल तीसरी बार मौका मिला था, और उन्होंने इस मौके को एक यादगार इतिहास में बदल दिया।

  • मैच जिताऊ पारी: संजू ने महज 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए। उनकी इस पारी में कलात्मक शॉट्स और पावर हिटिंग का बेजोड़ संगम देखने को मिला।
  • कोहली का रिकॉर्ड टूटा: संजू ने लक्ष्य का पीछा करते हुए टी20 वर्ल्ड कप में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर अपने नाम कर लिया। उन्होंने विराट कोहली (82* रन) के पुराने कीर्तिमान को पीछे छोड़ दिया।

टीम इंडिया के ‘रिकॉर्डतोड़’ कीर्तिमान
इस एक जीत ने भारतीय टीम के नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज करा दिए हैं:

  • सबसे बड़ा रन चेज: टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह भारत का अब तक का सबसे सफल रन चेज है। इससे पहले भारत ने 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 173 रन सफलतापूर्वक चेज किए थे।
  • सेमीफाइनल की हैट्रिक: भारतीय टीम लगातार तीसरे टी20 वर्ल्ड कप संस्करण में सेमीफाइनल राउंड तक पहुँचने में सफल रही है।
  • विश्व रिकॉर्ड की बराबरी: भारत अब छठी बार टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेलेगा। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान और इंग्लैंड के संयुक्त रूप से सर्वाधिक सेमीफाइनल खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

मैच का हाल: दबाव से दबदबे तक का सफर
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 196 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। एक समय ऐसा लग रहा था कि कैरेबियाई पावर भारत पर भारी पड़ेगी, लेकिन संजू सैमसन ने एक छोर संभालकर मैच का रुख ही पलट दिया। भारत ने 4 गेंदें शेष रहते ही यह मुकाबला अपने नाम कर लिया।

दबाव में निखरे संजू
सैमसन के लिए यह टूर्नामेंट किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। बेंच पर बैठने के बाद जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने साबित कर दिया कि वे दबाव के क्षणों में टीम के सबसे बड़े मैच विनर हैं। उनकी नाबाद 97 रनों की पारी ने न केवल भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया, बल्कि टीम के मध्यक्रम की चिंता को भी दूर कर दिया।

यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि संजू सैमसन के धैर्य और भारतीय टीम के जुझारूपन का प्रमाण है। अब दुनिया की निगाहें सेमीफाइनल पर हैं, जहाँ टीम इंडिया खिताब से बस दो कदम दूर है।

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