महाराष्ट्र

भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट ने EVM की जांच का दिया आदेश

EVM
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भारत के चुनावी इतिहास में एक अहम और अभूतपूर्व फैसला सामने आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के निरीक्षण और जांच की अनुमति दी है। ये आदेश मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

ये मामला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से संबंधित है, जिसमें चांदीवली सीट पर इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनों को लेकर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट के आदेश के अनुसार, इन मशीनों की जांच निर्धारित तारीख 16 और 17 को की जाएगी। इस प्रक्रिया के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि मशीनों में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या छेड़छाड़ हुई थी या नहीं।

ये याचिका कांग्रेस नेता नसीम खान द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि चुनाव में इस्तेमाल हुई मशीनों की जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, अदालत ने उनके अन्य आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें भ्रष्ट चुनावी आचरण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस सोमशेखर सुदंरेशन ने इस मामले में सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। अदालत ने सीमित दायरे में ईवीएम की जांच की अनुमति दी है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

इस फैसले को भारतीय चुनावी प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे भविष्य में ईवीएम की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर नए मानक स्थापित हो सकते हैं। साथ ही, यह निर्णय उन लोगों के लिए भी अहम है जो चुनावी प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही और स्पष्टता की मांग करते रहे हैं।

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