मुंबई: महाराष्ट्र में इन दिनों प्रशासनिक फेरबदल तेजी से जारी है। राज्य सरकार लगातार अधिकारियों के तबादले कर रही है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी हुई है। हाल ही में एक बार फिर 5 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। खास बात ये है कि इससे ठीक सात दिन पहले ही 11 IAS अधिकारियों के तबादले किए गए थे।
लगातार हो रहे तबादले, क्या है संकेत?
पिछले लगभग 15 दिनों में महाराष्ट्र में कई बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। इससे पहले 31 मार्च को भी कई अधिकारियों के तबादले की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद 7 अप्रैल को 11 IAS अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया। अब एक बार फिर पांच अधिकारियों के तबादले ने इस सिलसिले को और तेज कर दिया है।
किन-किन अधिकारियों का हुआ तबादला?
इस ताजा फेरबदल में जिन वरिष्ठ IAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- डॉ. बी.एन. पाटिल
- मंगेश जोशी
- कुलदीप जंगम
- कुशल जैन
- रेवय्या डोंगरे
किसे मिली नई जिम्मेदारी?
डॉ. बी.एन. पाटिल:
पहले मुंबई में पर्यटन निदेशक के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में स्थानांतरित कर RUSA (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) परियोजना का निदेशक बनाया गया है।
मंगेश जोशी:
पुणे स्थित YASHADA में उप महानिदेशक थे। अब उन्हें मुंबई में पर्यटन निदेशक नियुक्त किया गया है। वे इस पद पर डॉ. पाटिल की जगह लेंगे।
कुलदीप जंगम:
सोलापुर जिला परिषद के CEO पद से हटाकर पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त बनाया गया है।
कुशल जैन:
गढ़चिरौली के अहेरी में ITDP अधिकारी और सहायक कलेक्टर थे। अब उन्हें सोलापुर जिला परिषद का CEO नियुक्त किया गया है।
रेवय्या डोंगरे:
धाराशिव में सहायक कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे। अब उनका तबादला यवतमाल जिले के पंढरकवड़ा में किया गया है, जहां उन्हें ITDP अधिकारी और सहायक कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
पहले भी हो चुका है बड़ा फेरबदल
इससे पहले 7 अप्रैल को 11 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया था। इसमें कई महत्वपूर्ण नाम शामिल थे, जिनमें श्वेता सिंघल, रुचेश जयवंशी, कन्हू राज बागाटे, लक्ष्मण राउत, गीतांजलि बाविस्कर, डॉ. दिलीप जगदाले, पंकज देवरे, मीनल करणवाल, करिश्मा नायर और अमित रंजन प्रमुख हैं।
महाराष्ट्र में लगातार हो रहे IAS अधिकारियों के तबादले प्रशासनिक रणनीति में बदलाव की ओर संकेत कर रहे हैं। सरकार द्वारा इस तरह के लगातार फेरबदल से ये साफ है कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि इन बदलावों का जमीनी स्तर पर क्या असर पड़ता है।
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