बॉलीवुड की दिग्गज पार्श्व गायिका अलका याग्निक (Alka Yagnik) एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करने के दौरान उनकी सार्वजनिक उपस्थिति ने प्रशंसकों को भावुक कर दिया। हालांकि इस सम्मान के पीछे बीते दो वर्षों का एक कठिन संघर्ष छिपा है। अलका याग्निक लंबे समय से एक दुर्लभ श्रवण संबंधी बीमारी से जूझ रही हैं, जिसके कारण उन्हें संगीत और सार्वजनिक जीवन से दूरी बनानी पड़ी।
अचानक आई बीमारी ने बदल दी जिंदगी
अलका याग्निक (Alka Yagnik) ने वर्ष 2024 में खुलासा किया था कि उन्हें ‘सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस’ (Sensorineural Hearing Loss) नामक दुर्लभ बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। ये समस्या एक वायरल संक्रमण के बाद शुरू हुई, जिसके कारण उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई। उन्होंने बताया था कि एक उड़ान से उतरने के बाद अचानक उन्हें सुनाई देना बंद होने लगा, जिसके बाद जांच में इस बीमारी का पता चला।
क्या है सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस?
ये एक गंभीर श्रवण विकार है, जो कान के अंदरूनी हिस्से या मस्तिष्क तक ध्वनि पहुंचाने वाली नसों को प्रभावित करता है। इस बीमारी के कारण व्यक्ति को आवाजें स्पष्ट सुनाई नहीं देतीं, बातचीत समझने में कठिनाई होती है और कई मामलों में सुनने की क्षमता काफी कम हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार वायरल संक्रमण भी इस बीमारी का एक कारण बन सकता है।
करियर पर पड़ा गहरा असर
संगीत जगत में चार दशक से अधिक समय तक अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली अलका याग्निक (Alka Yagnik) के लिए ये बीमारी किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। सुनने की समस्या के चलते उन्हें रिकॉर्डिंग, लाइव परफॉर्मेंस और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनानी पड़ी। यही वजह रही कि पिछले दो वर्षों से वो लगभग लाइमलाइट से गायब रहीं।
पद्म भूषण समारोह में दिखीं भावुक
हाल ही में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में अलका याग्निक (Alka Yagnik) को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस दौरान उनकी उपस्थिति ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद स्वयं उपस्थित होकर ये सम्मान लेना उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था।
धीरे-धीरे हो रही है रिकवरी
अलका याग्निक ने अपने प्रशंसकों को आश्वस्त किया है कि उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वो सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने अपने चाहने वालों की दुआओं और समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
भारतीय संगीत जगत की सबसे लोकप्रिय आवाजों में शामिल अलका याग्निक का ये संघर्ष न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि ये भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
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