माफिया-नेता अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की मौत के तीन साल बाद उनके परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पांच बेटों में से दो की मौत हो चुकी है, दो जेल में बंद हैं और एक रिश्तेदारों के घर रह रहा है। सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त 2026 को झांसी में सड़क हादसे में मौत ने एक बार फिर इस परिवार को सुर्खियों में ला दिया है।
अबान की मौत कैसे हुई?
21 वर्षीय अबान अहमद प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहे थे। उनके साथ चार दोस्त भी थे। कानपुर-झांसी हाईवे पर थाना पूंछ क्षेत्र में उनकी Hyundai Creta SUV तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उनके दोस्त सोनू (मोहम्मद शाकिर) की मौके पर मौत हो गई। तीन अन्य घायल हुए, जिनका इलाज झांसी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है कि ओवरस्पीडिंग या ड्राइवर को अचानक चक्कर आने से हादसा हुआ।
अतीक के पांच बेटों की पूरी स्थिति
अतीक अहमद और पत्नी शाइस्ता परवीन के पांच बेटे थे:
- उमर अहमद (सबसे बड़े): वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद। उन पर कारोबारी के अपहरण, मारपीट और रंगदारी जैसे मामले दर्ज हैं।
- अली अहमद: झांसी जेल में बंद। पहले नैनी जेल (प्रयागराज) में थे, सुरक्षा कारणों से ट्रांसफर किए गए। उमेश पाल हत्याकांड और एक बड़े रंगदारी मामले में आरोपी।
- असद अहमद: अप्रैल 2023 में झांसी के पास यूपी STF के एनकाउंटर में मारे गए। उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताए जाते थे।
- अहजम (Ahzam) अहमद: बाहर हैं। उमेश पाल कांड के समय नाबालिग होने के कारण बाल गृह में रहे, अक्टूबर 2023 में रिहा हुए। फिलहाल रिश्तेदारों के घर रह रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में वे लॉ की पढ़ाई कर रहे बताए जाते हैं।
- आबान (Abaan) अहमद (सबसे छोटे): 6 अगस्त 2026 को सड़क हादसे में मौत।
परिवार में अब कौन बचा?
अतीक और उनके भाई अशरफ की अप्रैल 2023 में हत्या के बाद पत्नी शाइस्ता परवीन फरार बताई जाती हैं। उन पर इनाम भी घोषित है। अब परिवार में उमर और अली जेल में, अहजम बाहर और शाइस्ता फरार हैं। असद और अबान की मौत हो चुकी है।
अतीक अहमद (Atiq Ahmed) का परिवार एक समय प्रयागराज में काफी प्रभावशाली था, लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के बाद कानूनी कार्रवाई और घटनाओं ने सब कुछ बदल दिया। अबान की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर है। अहजम ने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की गुहार लगाई थी।
पुलिस हादसे की जांच जारी रखे हुए है। परिवार की मौजूदा स्थिति बताती है कि कैसे तीन साल में अतीक के कुनबे की तस्वीर पूरी तरह उलट गई।






















