मुंबई

जुहू बीच पर कचरे का पहाड़! BMC ने 10 दिनों में हटाया 1,800 टन मलबा, बताई बड़ी वजह

जुहू बीच
Image Source - Web

मुंबई का फेमस जुहू बीच, जहां हर दिन हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग समुद्र का आनंद लेने पहुंचते हैं, इन दिनों रेत से ज्यादा कचरे के ढेर के कारण चर्चा में है। सोशल मीडिया पर बीच की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि ये स्थिति भारी बारिश और समुद्र की ऊंची लहरों के कारण बनी है, न कि सफाई अभियान में लापरवाही की वजह से।

आखिर जुहू बीच पर इतना कचरा कैसे पहुंचा?

बीएमसी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में मुंबई में हुई भारी बारिश के कारण शहर के छोटे-बड़े नालों और प्राकृतिक जलमार्गों से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, लकड़ी, जलकुंभी और अन्य ठोस कचरा अरब सागर में पहुंच गया। इसके बाद समुद्र में आए ज्वार (हाई टाइड) के दौरान यही कचरा वापस बहकर जुहू बीच पर जमा हो गया।

अधिकारियों का कहना है कि ये सामान्य स्थिति नहीं है। आम दिनों में जहां बीच पर लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा आता है, वहीं फिलहाल प्रतिदिन करीब 350 मीट्रिक टन समुद्री कचरा किनारे पर पहुंच रहा है।

10 दिनों में हटाया गया 1,800 टन कचरा

बीएमसी ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। अतिरिक्त कर्मचारियों, जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से पिछले 10 दिनों में लगभग 1,800 मीट्रिक टन कचरा हटाकर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया है।

नगर निगम के अनुसार, वर्तमान में भी प्रतिदिन करीब 180 मीट्रिक टन कचरा बीच से हटाया जा रहा है और सफाई अभियान लगातार जारी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों के बाद बढ़ी चर्चा

जुहू बीच पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि मुंबई जैसे महानगर के सबसे प्रसिद्ध समुद्र तट की ये स्थिति आखिर क्यों हुई।

इस बीच विपक्षी नेताओं ने भी बीच का दौरा कर सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और प्री-मानसून नाला सफाई की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम की आलोचना की।

BMC ने क्या कहा?

बीएमसी का कहना है कि समुद्र से लौटकर आने वाला ये कचरा मानसून और ऊंची लहरों का परिणाम है। नगर निगम के अनुसार, सफाई कर्मचारी लगातार बीच की सफाई कर रहे हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बीएमसी ने नागरिकों से भी अपील की है कि प्लास्टिक और अन्य कचरा नालों या समुद्र में न फेंकें, क्योंकि यही कचरा अंततः समुद्र तटों पर लौट आता है और पर्यावरण के साथ-साथ पर्यटन को भी नुकसान पहुंचाता है।

पर्यावरण के लिए गंभीर चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र तटों पर बढ़ता प्लास्टिक और ठोस कचरा केवल सफाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि ये समुद्री जीवों, पर्यावरण और पर्यटन उद्योग के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यदि शहर में कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के निस्तारण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं।

जुहू बीच पर जमा हुआ कचरा मुंबई के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बनकर सामने आया है। बीएमसी का दावा है कि भारी बारिश और समुद्री ज्वार के कारण ये स्थिति बनी और सफाई अभियान लगातार जारी है। हालांकि ये घटना ये भी याद दिलाती है कि शहर में बेहतर कचरा प्रबंधन, नालों की नियमित सफाई और नागरिकों की जिम्मेदारी के बिना समुद्र तटों को स्वच्छ रखना संभव नहीं है।

ये भी पढ़ें: पुणे: Siya Goyal के परिवार की दुकान सील, 4 हजार किलो खाद्य सामग्री जब्त

You may also like