दुनिया के 24वें, एशिया के दूसरे और इंडिया के भी दूसरे सबसे बड़े अमीर व्यक्ति के बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) जितनी अपनी अच्छाई और प्यारी सी स्माइल के लिए फेमस हैं, उतने ही वो अपने मोटापे के लिए भी जाने जाते हैं। हर किसी के मन में ये सवाल जरूर उठता है, जो इंसान अपनी उंगली के एक इशारे पर कुछ भी हासिल कर सकता है, आखिर वो अपने मोटापे से क्यों नहीं लड़ पा रहा है? आखिर क्यों उनके लिए नामुनकिन सा है अपने मोटापे से छुटकारा पाना?
जबकि उन्होंने एक समय करीब 108 किलो वजन कम किया भी था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने लगभग 18 महीने में ये चमत्कार कर भी दिया था। जहां तक उनके बढ़ते वजन के पीछे वजह की बात है, तो अनंत की मां नीता अंबानी ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि अनंत को बचपन से अस्थमा की समस्या थी और इसके इलाज के लिए उन्हें लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ा। स्टेरॉयड कुछ परिस्थितियों में भूख बढ़ाने, शरीर में पानी रुकने और फैट के डिस्ट्रीब्यूशन में बदलाव जैसे प्रभाव डाल सकते हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है।
तो फिर सवाल ये उठता है, कि अगर ऐसा है, तो उन्होंने
फिर 108 किलो वजन कैसे घटाया?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अनंत ने वजन कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज पर काफी ध्यान दिया। उनके फिटनेस ट्रेनर विनोद चन्ना के मुताबिक, उनके लिए कस्टमाइज्ड डाइट प्लान तैयार किया गया था। इसमें नियंत्रित कैलोरी, बेहतर पोषण और रेग्युलर एक्सरसाइज शामिल थे। वॉकिंग, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो जैसी गतिविधियां भी उनके रूटीन का हिस्सा थीं।
अब यहां एक और सवाल उठता है, जब इतनी मेहनत से उन्होंने वेट लॉस किया तो
वजन दोबारा बढ़ने की वजह क्या है?
तो इसका जवाब यही निकलता है, कि यहां सावधानी जरूरी है। अनंत अंबानी (Anant Ambani) के मौजूदा वजन बढ़ने का कोई एक स्पेसिफिक मेडिकल रीजन पब्लिकली सर्टिफाइड नहीं है। 2025 की एक रिपोर्ट में उनके हेल्थ रिलेटेड हिस्ट्री में अस्थमा, मोटापा और Cushing’s Syndrome (कूशिंग सिंड्रोम) जैसी स्थितियों का उल्लेख किया गया था, लेकिन किसी व्यक्ति के वर्तमान वजन को केवल इन्हीं कारणों से जोड़ना उचित नहीं होगा।
इसलिए अनंत अंबानी (Anant Ambani) की कहानी ये बताती है कि वजन कम करना केवल डाइट और जिम तक सीमित मामला नहीं है। कुछ लोगों में दवाएं, हार्मोनल या अन्य हेल्थ रिलेटेड कंडीशंस भी वेट मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकती हैं। किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मेडिकल स्थिति के बारे में कनक्लूज़न केवल उनके डॉक्टर की जानकारी के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
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