महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 15 जून से पहले राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार और व्यापक बारिश होने की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है।
कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि केवल शुरुआती या हल्की बारिश को देखकर बुवाई शुरू न करें। यदि पर्याप्त वर्षा के बिना बीज बो दिए जाते हैं और बाद में बारिश रुक जाती है, तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दोबारा बुवाई की जरूरत भी पड़ सकती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेतों में पर्याप्त नमी बनने और स्थिर बारिश शुरू होने के बाद ही बुवाई करना अधिक सुरक्षित रहेगा। वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
राज्य के कई क्षेत्रों में मानसून की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर अच्छी वर्षा के लिए अभी कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन की सफलता काफी हद तक शुरुआती बारिश पर निर्भर करती है। इसलिए मौसम की स्थिति स्पष्ट होने तक धैर्य रखना किसानों के हित में होगा।
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