महाराष्ट्र

जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगी प्रियंका चतुर्वेदी, राजनीति छोड़ने की खबरों पर किया बड़ा खुलासा

प्रियंका चतुर्वेदी
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मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए शिक्षा और नीति (पॉलिसी) के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में अध्यापन शुरू कर दिया है और आगामी सेमेस्टर में भी छात्रों को पढ़ाती रहेंगी।

हालांकि, उनके इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनके सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने इसे उनके राजनीतिक करियर का अंत बताया, लेकिन प्रियंका चतुर्वेदी ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनका राजनीति छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।

शिक्षा और नीति निर्माण के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी

प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि दो दशकों से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहने के बाद अब वो अपने अनुभवों को देश की नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल चुनावी राजनीति के माध्यम से ही नहीं, बल्कि शिक्षा, नीति निर्माण, शोध और युवाओं के मार्गदर्शन के जरिए भी की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में अध्यापन शुरू किया है।

प्रियंका ने बताया कि स्प्रिंग सेमेस्टर में उन्हें पढ़ाने का अवसर मिला और छात्रों के उत्साह से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। इसी कारण उन्होंने आगामी फॉल सेमेस्टर में भी अध्यापन जारी रखने का निर्णय लिया है।

राजनीति से संन्यास की अफवाह कैसे शुरू हुई?

जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में अध्यापन शुरू करने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अब उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को अपना नया करियर बना लिया है।

इन पोस्ट्स के वायरल होने के बाद उनके राजनीति छोड़ने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।

ट्रोलर्स को प्रियंका चतुर्वेदी का करारा जवाब

सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने राजनीति से संन्यास नहीं लिया है।

उन्होंने लिखा कि राजनीति में अपनी जगह बनाने के लिए उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक लगातार संघर्ष किया है और इतनी मेहनत के बाद वह राजनीति छोड़ने की कल्पना भी नहीं कर सकतीं।

उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई पहले की तरह जारी रहेगी और देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए वे अलग-अलग क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल संसद में बने रहना ही सार्वजनिक जीवन का एकमात्र उद्देश्य नहीं होता।

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में भी निभाएंगी अहम भूमिका

प्रियंका चतुर्वेदी ने ये भी घोषणा की कि वो ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के ‘वीमेन-लेड फ्यूचर्स’ वर्टिकल का नेतृत्व करेंगी।

उन्होंने बताया कि ये पहल भारत के G20 विजन ‘Women-Led Development’ की भावना पर आधारित है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

उन्होंने इस नई जिम्मेदारी को अपने सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण विस्तार बताया।

शशि थरूर का किया उल्लेख

प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि वो पहले ORF के एशियन फोरम ऑन ग्लोबल गवर्नेंस (AFGG) कार्यक्रम की छात्रा रह चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों और सार्वजनिक नीति पर कई विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला, जिनमें वरिष्ठ सांसद शशि थरूर भी शामिल थे, जो उस कार्यक्रम के डीन थे।

उन्होंने ORF के अध्यक्ष समीर सरन का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके विश्वास और सहयोग ने उन्हें नई जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

जल्द आएगी प्रियंका चतुर्वेदी की किताब

प्रियंका चतुर्वेदी ने संकेत दिया कि वो अपने दो दशक लंबे राजनीतिक अनुभवों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आधारित एक पुस्तक भी लिख रही हैं, जो जल्द प्रकाशित हो सकती है।

इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि वो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं और विभिन्न सामाजिक एवं नीतिगत विषयों पर लोगों से संवाद जारी रखेंगी।

सार्वजनिक जीवन में जारी रहेगा सक्रिय योगदान

प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, नीति निर्माण और शोध के क्षेत्र में नई भूमिका निभाने का अर्थ राजनीति से दूरी बनाना नहीं है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका उद्देश्य देश के विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए लगातार कार्य करना है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही राजनीतिक संन्यास की अटकलों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक सफर जारी रहेगा और वह पहले की तरह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगी।

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