महाराष्ट्र

‘महाराष्ट्र को बदनाम किया तो नहीं बख्शूंगा’… विधानसभा में गरजे देवेंद्र फडणवीस, ट्रोलर्स और विपक्ष को दी चेतावनी

देवेंद्र फडणवीस
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मुंबई में जारी मानसून सत्र के दौरान महाराष्ट्र विधानसभा में शहरों के विकास और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुई चर्चा के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष और सोशल मीडिया पर सक्रिय कथित ‘पेड ट्रोलर्स’ पर तीखा हमला बोला। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए भूस्खलन को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें व्यक्तिगत आलोचना से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर कोई महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश करेगा तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक पर भूस्खलन के बाद गरमाई राजनीति

हाल ही में शुरू हुए लगभग 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाले मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट पर लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ था। पहाड़ से मलबा गिरने के कारण मार्ग करीब 18 घंटे तक बंद रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार, निर्माण में लापरवाही और तकनीकी खामियों के आरोप लगाए।

इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए विधानसभा में मुख्यमंत्री फडणवीस ने परियोजना का जोरदार बचाव किया और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

‘मुझे गालियां देने से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन महाराष्ट्र का अपमान नहीं सहूंगा’

विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें वर्षों से राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत हमलों का सामना करना पड़ा है, इसलिए अब ऐसी बातें उन पर कोई असर नहीं डालतीं। उन्होंने कहा कि समय बीतने के बाद आलोचक भले ही याद न रहें, लेकिन राज्य के विकास कार्य हमेशा लोगों को याद रहेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति केवल राजनीतिक विरोध करता है तो ये लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन यदि कोई झूठी जानकारी फैलाकर महाराष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

सोशल मीडिया पर ‘पेड ट्रोलर्स’ पर लगाया निशाना

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कुछ लोग पैसे लेकर सोशल मीडिया और टीवी प्लेटफॉर्म पर राज्य सरकार और मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ लोग केवल गालियां देने और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

फडणवीस ने चेतावनी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को सरकार गंभीरता से लेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण हुई प्राकृतिक घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनके अनुसार, परियोजना की वास्तविक स्थिति बताए बिना केवल भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष तथ्यों के बजाय झूठे दावों के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

‘एमवीए सरकार ने बंद कर दी थी मिसिंग लिंक की फाइल’

फडणवीस ने अपने भाषण में पूर्व महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के बजाय इसकी फाइल बंद कर दी थी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, तत्कालीन सरकार ने कई कारण बताते हुए परियोजना को रोकने का फैसला लिया था, लेकिन महायुति सरकार ने इसे दोबारा शुरू किया और निर्माण पूरा कराया।

भूस्खलन की असली वजह क्या थी?

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ से मलबा गिरा, जिससे सुरंग के बाहरी हिस्से पर असर पड़ा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • मुख्य सुरंग या पुल की संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
  • इंटीग्रेटेड सेफ्टी सिस्टम ने पूरी तरह प्रभावी तरीके से काम किया।
  • इमरजेंसी अलर्ट मिलते ही कुछ ही मिनटों में राहत दल मौके पर पहुंच गए।
  • मलबा हटाकर करीब 18 घंटे के भीतर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस घटना को परियोजना की तकनीकी विफलता बताना पूरी तरह गलत है।

भारत की सबसे आधुनिक परियोजनाओं में शामिल है मिसिंग लिंक

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना कई इंजीनियरिंग उपलब्धियों का उदाहरण है। इसमें भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टे ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल जैसी आधुनिक संरचनाएं शामिल हैं। उनका कहना था कि ये परियोजना पुराने और जोखिमभरे घाट मार्ग का सुरक्षित विकल्प प्रदान करेगी।

कोंकण रेलवे का उदाहरण देकर दिया संदेश

अपने भाषण के दौरान फडणवीस ने समाजवादी नेता मधु दंडवते का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोंकण रेलवे का निर्माण शुरू हुआ था तब भी भूस्खलन और भौगोलिक चुनौतियों को लेकर कई सवाल उठे थे।

उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में वहां भी लगातार भूस्खलन होते रहे, लेकिन तकनीकी सुधारों के जरिए समस्याओं का समाधान किया गया। अगर उस समय डरकर परियोजना छोड़ दी जाती, तो आज कोंकण रेलवे अस्तित्व में नहीं होती।

भारी बारिश से कई जिलों में हालात प्रभावित

मुख्यमंत्री ने बताया कि वसई-विरार क्षेत्र में 72 घंटों के भीतर 772 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुईं। राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन टीमें बिजली कंपनियों और टेलीकॉम एजेंसियों के साथ मिलकर सेवाएं बहाल करने में जुटी हैं।

इसके अलावा कोंकण क्षेत्र के सबसे अधिक प्रभावित जिलों के लिए आपातकालीन राहत राशि जारी की गई है और जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त भोजन वितरण सहित राहत कार्य भी जारी हैं।

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना पर हुए भूस्खलन के बाद विधानसभा में हुई बहस राजनीतिक रूप से काफी तीखी रही। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ओर परियोजना की तकनीकी मजबूती का बचाव किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और सोशल मीडिया पर सक्रिय कथित ‘पेड ट्रोलर्स’ पर निशाना साधते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार आलोचना का स्वागत करती है, लेकिन महाराष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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