सोलापुर। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में इस मानसून सीजन में बारिश न होने से कृषि और पेयजल दोनों क्षेत्रों में गंभीर समस्या पैदा हो गई है। खासकर मालशिरस तहसील में अभी तक बारिश न होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
अकलूज शहर में पेयजल संकट
एक समय अकलूज को सोलापुर जिले का सबसे पानी देने वाला इलाका माना जाता था, लेकिन इस बार बारिश के मौसम में भी यहां पेयजल की कमी हो गई है। नगर परिषद को पीने के पानी के लिए टैंकर चलाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 15 दिनों से शहर में पीने के पानी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
पूर्व सरपंच किशोरसिंह माने पाटील ने समस्या के समाधान पर सुझाव देते हुए कहा कि गांव-गांव में जो बोरवेल हैं, उन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए खोल दिया जाए। साथ ही जहां पेयजल की सबसे ज्यादा समस्या है, वहां नए पानी के टैंक लगाए जाएं। इससे समस्या काफी हद तक हल हो सकती है।
किसानों और व्यापारियों पर असर
बारिश न होने के कारण किसान खेतों में बुआई नहीं कर पा रहे हैं। नतीजतन बीजों (सीड्स) की बिक्री लगभग बंद हो गई है। स्थानीय बीज व्यापारियों का कहना है कि इस सीजन में अब तक कोई बड़ा किसान बीज खरीदने नहीं आया है।
किसानों के साथ-साथ बीज व्यापारी और संबंधित कारोबारी भी इस संकट से जूझ रहे हैं। गरीब बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार पेयजल संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
राजनीतिक घमासान
पानी की इस समस्या को लेकर अकलूज नगर परिषद में राजनीति भी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) पर आरोप लग रहे हैं, जबकि पूर्व विधायक राम सातपुते ने मौके का फायदा उठाते हुए टैंकर चलाकर अपनी सक्रियता दिखाई है।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्दी से जल्दी इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि आगे बारिश न होने पर भी पानी की कमी न हो।
वर्तमान स्थिति: जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। किसानों को बारिश का इंतजार है, जबकि आम नागरिक पेयजल संकट से परेशान हैं।
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