गणेश चतुर्थी का पर्व जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है. बप्पा की एक झलक पाने को श्रद्धालु आतुरता से इंतज़ार करते हैं. बच्चे हो या बूढ़े इस महापर्व के लिए उनकी उत्सुकता देखते ही बनती है. गणपति बप्पा की मनमोहक मूर्तियां सभी को अपनी और आकर्षित करती हैं. इनके दर्शन मात्र से ही मन आनंदित हो उठता है. लेकिन क्या आप जानते हैं इन मूर्तियों को किस तरह से गढ़ा जाता है, उनमें रंग कैसे भरा जाता है और इन खूबसूरत प्रतिमाओं के पीछे कलाकारों की कितनी मेहनत होती है?
ONTV मीडिया ने ऐसे ही एक कलाकार रुस्तम गुरर्व से खास मुलाक़ात की और उनके जर्नी के बारे में बातचीत की.
बातचीत के दौरान रुस्तम गुरर्व ने बताया कि वे पिछले 32 वर्षों से बप्पा की मूर्तियां बना रहे हैं. उन्हें बचपन से ही बप्पा की मूर्तियों को गढ़ने और उनमें रंग भरने का शौक था.
चॉल में रहकर 2 गणपती की मूर्तियों से शुरू हुई मेरी जर्नी आज 600 गणपती की मूर्तियां बनाने तक पहुंच चुकी है.
– रुस्तम गुरर्व
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