मुंबई

Mumbai High Tides and Floods: मुंबई में 24-28 जून तक 4.5 मीटर से ऊपर उठेंगी लहरें, BMC ने जारी की बाढ़ की चेतावनी

Mumbai High Tides and Floods: मुंबई में 24-28 जून तक 4.5 मीटर से ऊपर उठेंगी लहरें, BMC ने जारी की बाढ़ की चेतावनी

Mumbai High Tides and Floods: मुंबई, जो अपनी चमक-दमक और समुद्र की लहरों के लिए मशहूर है, एक बार फिर प्रकृति की शक्ति का सामना करने को तैयार है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने चेतावनी जारी की है कि 24 जून से 28 जून 2025 तक लगातार पांच दिन तक शहर में ऊंची लहरें (high tides) देखने को मिलेंगी, जिनकी ऊंचाई 4.5 मीटर से अधिक होगी। खासकर 26 जून को इस मौसम की सबसे ऊंची लहरें, 4.75 मीटर तक, उठने की संभावना है। BMC ने नागरिकों से समुद्र तट पर न जाने और आपदा प्रबंधन विभाग की सभी सुरक्षा सलाह का पालन करने की अपील की है। यह चेतावनी न केवल मुंबईकरों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शहर की निचली बस्तियों में बाढ़ के खतरे (flood risks) को भी उजागर करती है।

मुंबई का समुद्र हर साल मानसून के दौरान अपनी ताकत दिखाता है। इस बार जून से सितंबर तक 19 दिन ऐसे होंगे, जब समुद्र की लहरें 4.5 मीटर से ऊपर उठेंगी। 24 जून को सुबह 11:15 बजे 4.59 मीटर की लहरें शुरू होंगी, जो 25 जून को दोपहर 12:05 बजे 4.71 मीटर तक पहुंचेंगी। 26 जून को दोपहर 12:55 बजे लहरें अपने चरम पर होंगी, जब समुद्र 4.75 मीटर की ऊंचाई तक उफान मारेगा। 27 और 28 जून को भी क्रमशः 4.73 और 4.64 मीटर की लहरें उठेंगी। इन ऊंची लहरों (high tides) के साथ मानसून की बारिश का मिलना शहर के लिए खतरनाक हो सकता है। BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब ऊंची लहरें और भारी बारिश एक साथ होती हैं, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा (flood risks) कई गुना बढ़ जाता है।

मुंबई की भौगोलिक स्थिति इसे बाढ़ के लिए संवेदनशील बनाती है। शहर के कई हिस्से, जैसे वरली, बांद्रा, माहिम, और दादर, समुद्र तट के करीब हैं। इन इलाकों में समुद्र का पानी घुसने का खतरा हमेशा बना रहता है। BMC ने बाढ़ को रोकने के लिए फ्लडगेट्स लगाए हैं, जो ऊंची लहरों के दौरान समुद्र के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोकते हैं। लेकिन अगर इस दौरान भारी बारिश होती है, तो बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सड़कों और घरों में पानी भर जाता है। 2024 में 8 जुलाई को 4.44 मीटर की ऊंची लहरों और 152 मिमी बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया था। उस दिन अंधेरी सबवे और कई निचले इलाकों में भारी जलभराव हुआ था।

BMC ने इस बार पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने ऊंची लहरों की तारीखों और समय की विस्तृत सूची जारी की है। 24 से 28 जून के अलावा, जुलाई में 24 से 27, अगस्त में 1 से 5, और सितंबर में 1 से 5 तारीख तक भी ऊंची लहरें देखने को मिलेंगी। एक स्थानीय निवासी, रोहित पवार, ने बताया कि वह हर साल मानसून में समुद्र तट पर टहलने जाते हैं, लेकिन पिछले साल की बाढ़ के बाद अब वह BMC की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र की लहरें देखने का लालच कई बार जानलेवा हो सकता है।

मुंबई में बाढ़ का खतरा केवल समुद्र की लहरों तक सीमित नहीं है। शहर की पुरानी जल निकासी व्यवस्था और अतिक्रमण भी इस समस्या को बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान समुद्र की लहरें 4.5 मीटर से ऊपर होने पर निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना बढ़ जाती है। 2019 में एक अध्ययन ने चेतावनी दी थी कि 2050 तक मुंबई के कई हिस्से समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण नियमित बाढ़ का सामना कर सकते हैं। इस अध्ययन में दक्षिण मुंबई और उपनगरों के घनी आबादी वाले इलाकों को सबसे ज्यादा जोखिम में बताया गया था।

BMC ने न केवल नागरिकों, बल्कि निचले इलाकों की हाउसिंग सोसाइटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी सतर्क रहने को कहा है। एक अधिकारी ने बताया कि कई बार लोग समुद्र तट पर सेल्फी लेने या लहरों को करीब से देखने जाते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। 2018 में मरीन ड्राइव पर एक युवक लहरों में बह गया था, जब वह ऊंची लहरों के बीच तस्वीरें ले रहा था। ऐसी घटनाएं मुंबईकरों के लिए सबक हैं। BMC ने यह भी अपील की है कि लोग समुद्र तटों और प्रोमेनेड पर जाने से बचें, खासकर दोपहर के समय, जब लहरें अपने चरम पर होंगी।

मुंबई का समुद्र न केवल इसकी सुंदरता का हिस्सा है, बल्कि यह शहर के लिए चुनौती भी है। हर साल मानसून में समुद्र की लहरें और बारिश मिलकर मुंबईकरों की परीक्षा लेते हैं। 26 जून को 4.75 मीटर की लहरें इस मौसम की सबसे बड़ी चुनौती होंगी। BMC ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मराठी और अंग्रेजी में चेतावनी जारी की है, जिसमें लोगों से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है। एक मछुआरे, रमेश जाधव, ने बताया कि उनके समुदाय को पहले से ही ऊंची लहरों की जानकारी दी गई है, और वे इस दौरान समुद्र में नहीं जाएंगे।

मुंबई जैसे शहर में, जहां हर दिन लाखों लोग अपने काम के लिए सड़कों पर निकलते हैं, ऐसी प्राकृतिक चुनौतियां जीवन को प्रभावित करती हैं। BMC की यह चेतावनी उन परिवारों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जो निचले इलाकों में रहते हैं। 2021 में एक परिवार को माहिम में अपने घर से निकाला गया था, जब ऊंची लहरों और बारिश ने उनके घर में पानी भर दिया था। ऐसी कहानियां मुंबईकरों को सतर्क रहने की याद दिलाती हैं।

#MumbaiHighTides, #Monsoon2025, #BMCSafetyAlert, #FloodRisks, #MumbaiRains

ये भी पढ़ें: Toilet Renovation by DMart CSR: डीमार्ट करेगा थाने, कल्याण स्टेशनों के शौचालयों का नवीकरण, फाउंडेशन की CSR पहल से मुफ्त सुविधा

You may also like