महाराष्ट्र

CID को सौंपी गई अजित पवार विमान हादसे की जांच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी कर रहा समानांतर जांच

अजित पवार
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में मौत के बाद इस पूरे मामले की जांच अब राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी दुर्घटना के कारणों की अलग से जांच कर रहा है। ये जानकारी सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद की ओर से दी गई है।

28 जनवरी को हुआ था हादसा

उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी को मुंबई से बारामती के लिए विमान से रवाना हुए थे। वे जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती पहुंचे थे, जहां एक ही दिन में उनकी चार चुनावी सभाएं प्रस्तावित थीं। सुबह करीब आठ बजे मुंबई से उड़ान भरने के बाद, बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की तैयारी के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शांभवी पाठक, एयर होस्टेस पिंकी माली और अजित पवार के अंगरक्षक विदीप जाधव शामिल हैं।

बारामती पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना के तुरंत बाद बारामती पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु और विमान दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद अब ये पूरा प्रकरण राज्य अपराध अन्वेषण शाखा (CID) को सौंप दिया गया है, जो हादसे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी।

केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही जांच

विमान हादसे की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) भी इस मामले की जांच कर रहा है। AAIB की ओर से दिल्ली से तीन अधिकारियों की एक टीम और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय से तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम 28 जनवरी को ही दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई थी।

जांच एजेंसियों ने दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया है, जिसे हादसे के कारणों का पता लगाने में अहम माना जा रहा है।

VSR वेंचर्स ने दी सफाई

विमान का संचालन करने वाली कंपनी VSR वेंचर्स ने हादसे को लेकर बयान जारी किया है। कंपनी के अनुसार, पायलट सुमित कपूर को लगभग 16,000 घंटे का उड़ान अनुभव था, जबकि को-पायलट शांभवी पाठक के पास 1,500 घंटे का फ्लाइंग अनुभव था। कंपनी ने दावा किया है कि उड़ान से पहले विमान में किसी भी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई थी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल हादसे के सही कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। CID और केंद्रीय एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही ये स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

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