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Israel Iran War: महाविनाश की दहलीज पर पश्चिम एशिया, अमेरिकी हमले में खामेनेई समेत ईरान की पूरी टॉप लीडरशिप खत्म

Israel Iran War
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Israel Iran War: पश्चिम एशिया (Middle East) में दशकों से सुलग रही दुश्मनी अब एक निर्णायक और भीषण युद्ध में बदल चुकी है। शनिवार देर रात अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन ने ईरान की सत्ता के केंद्र को पूरी तरह झकझोर दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ ही ईरान में एक युग का अंत हो गया है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

ऑपरेशन ‘बंकर बस्टर’: 40 बम और 1 मिनट में सब खत्म
इजराइल के F-35 फाइटर जेट्स ने तेहरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘बेत-ए-रहबरी’ पैलेस को निशाना बनाया।

  • सटीक हमला: लेजर-गाइडेड 2000 किलो के 40 बंकर बस्टर बमों ने जमीन की गहराइयों को भेदते हुए खामेनेई के अंडरग्राउंड ठिकाने को ध्वस्त कर दिया।
  • पूरी लीडरशिप साफ: हमले के वक्त खामेनेई रक्षा मंत्री आमिर नासिरजादा, आर्मी चीफ आमिर हाती और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के चीफ मोहम्मद पाक पोर के साथ आपातकालीन मीटिंग कर रहे थे।
  • मौत का आंकड़ा: इस एक मिनट के हमले में खामेनेई समेत 40 से ज्यादा टॉप कमांडर और धार्मिक नेता मारे गए। सूत्रों के अनुसार, अजरबैजान स्थित अमेरिकी बेस और भूमध्य सागर में तैनात USS जेराल्ड फोर्ड से इन विमानों ने उड़ान भरी थी।

दूसरे दिन भी तबाही: 10 शहर और पूर्व राष्ट्रपति का अंत
रविवार को हमले की तीव्रता और बढ़ गई। अमेरिकी मिसाइलों ने तेहरान समेत ईरान के 10 प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के पूर्व कट्टरपंथी राष्ट्रपति महमूद अहमदिनेजाद के भी मारे जाने की खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के 9 युद्धपोत समुद्र में डुबो दिए गए हैं।

ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों में हाहाकार
नेतृत्व खोने के बावजूद ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घातक जवाबी कार्रवाई की है:

  • मिसाइल वर्षा: ईरान ने ओमान और साइप्रस समेत 8 देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
  • USS अब्राहम लिंकन पर हमला: अरब सागर में तैनात अमेरिकी युद्धपोत पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, हालांकि वे निशाना चूक गईं।
  • UAE का डिफेंस: यूएई ने सक्रियता दिखाते हुए ईरान की 165 बैलिस्टिक मिसाइलों और 541 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है।

धमकी और मातम: “विनाश सोच से परे होगा”
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। कार्यवाहक राष्ट्रपति पजेशकियान ने चेतावनी दी है कि “अमेरिका को इसकी ऐसी सजा मिलेगी जो इतिहास याद रखेगा।” वहीं, राष्ट्रपति ट्रम्प ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि ईरान ने और हिमाकत की, तो उसे “सोच से परे विनाश” (Destruction beyond imagination) झेलना होगा।

आगे क्या? सत्ता की चाबी और 2 लाख जांबाज
भले ही ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म हो गई हो, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है।

  • रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC): खामेनेई के प्रति वफादार 2 लाख रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अभी भी संगठित हैं। वे अमेरिका के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं।
  • सत्ता का संघर्ष: क्या ईरान में कोई नया सुप्रीम लीडर उभरेगा या यह देश पूरी तरह अराजकता और गृहयुद्ध की आग में झुलस जाएगा? अमेरिका भले ही लीडरशिप को खत्म करने में सफल रहा हो, लेकिन इन वफादार लड़ाकों के भीतर छिपी प्रतिशोध की ज्वाला को बुझाना नामुमकिन लग रहा है।

दुनिया की नजरें अब खाड़ी के जलते हुए आसमान पर टिकी हैं। यह युद्ध सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था के बदलने का संकेत है।

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