T20 World Cup Final: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का रोमांच न केवल क्रिकेट प्रेमियों के सिर चढ़कर बोला, बल्कि भारतीय रेलवे के लिए भी यह ‘छप्पर फाड़’ कमाई का मौका लेकर आया। मुंबई और पुणे से अहमदाबाद जाने वाले दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा चलाई गई 5 वर्ल्ड कप स्पेशल ट्रेनों ने महज दो दिनों में करीब ₹70 लाख का शानदार राजस्व हासिल किया है।
हाउसफुल रहीं ट्रेनें: 5,000 से अधिक यात्रियों ने भरा सफर
क्रिकेट प्रेमियों के जोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुंबई और पुणे से चलीं सभी स्पेशल ट्रेनें शत-प्रतिशत (100%) क्षमता के साथ रवाना हुईं। आंकड़ों के अनुसार:
- कुल 5,318 यात्रियों ने इन विशेष ट्रेनों के जरिए मुंबई और पुणे से अहमदाबाद तक का सफर तय किया।
- यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम और मध्य रेलवे ने मिलकर रणनीतिक रूप से इन ट्रेनों का संचालन किया ताकि फाइनल मैच के लिए कोई भी प्रशंसक पीछे न छूट जाए।
कमाई का गणित: पश्चिम रेलवे रही आगे
इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से रेलवे के खजाने में कुल ₹69,52,259 (लगभग 70 लाख) का राजस्व जमा हुआ।
- 8 मार्च को फाइनल मैच के दिन सुबह से ही स्टेशनों पर नीली जर्सी पहने प्रशंसकों का रेला उमड़ पड़ा था।
- 8 मार्च: सुबह 6:20 बजे मुंबई सेंट्रल और CSMT से रवाना हुई ट्रेनों में अकेले 1,089 यात्रियों ने सफर किया।
- 7 मार्च: मैच से एक दिन पहले भी भारी भीड़ रही। मुंबई सेंट्रल से 969, CSMT से 960 और पुणे से 846 यात्रियों ने अहमदाबाद के लिए प्रस्थान किया।
रेलवे की मुस्तैदी और दर्शकों का उत्साह
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल ट्रेनों का समय इस तरह निर्धारित किया गया था कि प्रशंसक मैच शुरू होने से पहले स्टेडियम पहुंच सकें। पश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल से 2 और बांद्रा टर्मिनस से 1 ट्रेन चलाई, जबकि मध्य रेलवे ने सीएसएमटी और पुणे से 1-1 ट्रेन चलाकर महाराष्ट्र के प्रशंसकों को अहमदाबाद से जोड़ा।
यह न केवल रेलवे के लिए एक सफल व्यावसायिक कदम रहा, बल्कि टीम इंडिया की जीत के सफर में “रेलवे का साथ” भी यादगार बन गया। अहमदाबाद के मैदान पर गूँजते नारों के पीछे रेलवे की इन पटरियों का भी बड़ा योगदान रहा।































