ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भीषण युद्ध के 24वें दिन एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक पांच दिनों के युद्धविराम का ऐलान कर पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। ट्रंप के इस फैसले ने जहां वैश्विक बाजारों में हरियाली ला दी है, वहीं युद्ध के मैदान में तनाव और भी रहस्यमयी हो गया है।
1. ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ धमाका: “ईरान समझौता चाहता है”
सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि पिछले दो दिनों में ईरान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत हुई है। ट्रंप ने लिखा, “ईरान अब बातचीत की मेज पर आने को राजी है और वे एक बड़ा समझौता करना चाहते हैं। इसलिए, अमेरिका फिलहाल ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले नहीं करेगा।” ट्रंप का यह यू-टर्न उनके पिछले ‘आक्रामक रुख’ से बिल्कुल उलट है, जिससे उनके अपने सहयोगी भी अचंभित हैं।
2. ईरान का पलटवार: “ये सब फेक न्यूज है”
ट्रंप के दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और संसद के स्पीकर मोहम्मद बकर गालिबाफ ने इसे अमेरिका की ‘घबराहट’ करार दिया।
* गालिबाफ का बयान: “अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। यह पूरी तरह से ‘फेक न्यूज’ है। हमलावरों को अपने किए का पछतावा होगा, हम चुप बैठने वाले नहीं हैं।”
* स्पेशल प्लान की चेतावनी: ईरानी विदेश मंत्रालय का मानना है कि ट्रंप तेल की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए यह एकतरफा नाटक कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इजराइल के लिए एक ‘स्पेशल मिलिट्री प्लान’ तैयार करने का दावा किया है।
3. इजराइल की नाराजगी और तेहरान पर बमबारी
ट्रंप के इस ‘युद्धविराम’ से उनका सबसे करीबी सहयोगी इजराइल भी सहमत नजर नहीं आ रहा है। इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे ‘जल्दबाजी में लिया गया बयान’ बताया। हैरानी की बात यह है कि ट्रंप के ऐलान के बावजूद, सोमवार को इजराइल ने तेहरान पर क्लस्टर बमों से हमले जारी रखे, जो जमीन पर किसी भी तरह के युद्धविराम की संभावना को नकारते हैं।
4. शेयर बाजार में जश्न, तेल पर नजर
भले ही युद्ध के मैदान में अनिश्चितता हो, लेकिन ट्रंप के इस एक बयान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन दी है:
* S&P 500: 1.5% की उछाल।
* Nasdaq: 1.6% की तेजी।
* Dow Jones: 1.82% की बढ़त दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का असली मकसद युद्ध रोकना नहीं, बल्कि अमेरिकी चुनाव और घरेलू अर्थव्यवस्था को तेल की आसमान छूती कीमतों से बचाना हो सकता है।
क्या यह वास्तव में शांति की ओर एक कदम है या फिर ईरान के ‘स्पेशल प्लान’ से पहले की शांति? आने वाले 5 दिन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साबित होंगे।
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