दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद स्थित Hindon Airport से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है। यहां से कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं अचानक बंद या सीमित कर दी गई हैं, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर सीधा असर पड़ा है।
क्या हुआ है बदलाव?
हाल ही में Air India Express ने Hindon Airport से अपना पूरा संचालन बंद कर दिया है। वहीं IndiGo ने भी अपनी उड़ानों की संख्या में भारी कटौती की है। इस फैसले के बाद मुंबई, अहमदाबाद और पटना जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद हो गई हैं। इसके अलावा अन्य छोटे शहरों की कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है।
घटती जा रही उड़ानों की संख्या
हिंडन एयरपोर्ट को जब शुरू किया गया था, तब यहां से करीब 16 शहरों के लिए लगभग 50 उड़ानें संचालित होती थीं। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में ये संख्या घटकर सिर्फ 7 शहरों और करीब 14 उड़ानों तक सीमित रह गई है, जो इस एयरपोर्ट की गिरती उपयोगिता को दर्शाती है।
क्यों पीछे हट रही हैं एयरलाइंस?
इस फैसले के पीछे कई अहम तकनीकी और व्यावसायिक कारण सामने आए हैं।
हिंडन एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना के एयरबेस के भीतर स्थित है, जिसके चलते यहां नागरिक उड़ानों पर कई तरह की सख्त पाबंदियां लागू हैं। सबसे बड़ी समस्या ये है कि यहां केवल दिन के समय यानी सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही उड़ानें संचालित की जा सकती हैं। रात में उड़ानों की अनुमति नहीं है, जिससे एयरलाइंस के लिए संचालन सीमित हो जाता है।
इसके अलावा, कम यात्री संख्या और सीमित मुनाफे के कारण भी एयरलाइंस कंपनियां ऐसे रूट्स को प्राथमिकता दे रही हैं जहां उन्हें ज्यादा फायदा हो। हिंडन एयरपोर्ट फिलहाल इस कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी भी एक बड़ी समस्या है, जिसके चलते अक्सर उड़ानें रद्द करनी पड़ती हैं। इससे एयरलाइंस को आर्थिक नुकसान होता है और यात्रियों का भरोसा भी प्रभावित होता है।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गाजियाबाद और नोएडा के यात्रियों पर पड़ने वाला है। अब उन्हें मुंबई, अहमदाबाद या पटना जैसे शहरों की यात्रा के लिए Indira Gandhi International Airport जाना होगा। इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे, साथ ही यात्रा का अनुभव भी पहले की तुलना में अधिक जटिल हो जाएगा।
आगे की संभावनाएं
एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि ये फैसला एयरलाइंस कंपनियों द्वारा उनके व्यावसायिक कारणों से लिया गया है। हालांकि, भविष्य में सुविधाओं को बेहतर बनाकर और एयरलाइंस के साथ समन्वय करके उड़ानों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
हिंडन एयरपोर्ट से उड़ानों में आई इस कमी ने दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों की सुविधाओं पर बड़ा असर डाला है। ये मामला दिखाता है कि किसी भी एयरपोर्ट की सफलता केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं, बल्कि संचालन की लचीलापन, यात्री संख्या और व्यावसायिक व्यवहार्यता पर भी निर्भर करती है।
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