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अब और इंतजार नहीं! PM Modi बोले – महिला आरक्षण तुरंत लागू हो

PM Modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अब इस महत्वपूर्ण फैसले को और टालना संभव नहीं है। इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, ये कदम भारत के लोकतंत्र को अधिक मजबूत, सहभागी और संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

PM Modi ने अपने संदेश में कहा कि देश एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है, जहां समानता और समावेशन को नए स्तर पर ले जाने का अवसर सामने है। उन्होंने इस पहल को केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों का प्रतीक बताया। उनका मानना है कि जब महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा, तो शासन व्यवस्था में उनकी सोच, अनुभव और दूरदर्शिता से गुणवत्ता में सुधार होगा।

उन्होंने ये भी कहा कि आज भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। विज्ञान, तकनीक, खेल, उद्यमिता और कला जैसे क्षेत्रों में महिलाएं लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। इसके बावजूद राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी उनकी वास्तविक भागीदारी के अनुरूप नहीं है। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए महिला आरक्षण बेहद जरूरी बताया गया है।

प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार ने महिलाओं की स्थिति को मजबूत किया है, लेकिन राजनीतिक भागीदारी को भी उसी स्तर तक ले जाना अब समय की मांग है।

उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये एक ऐतिहासिक कदम था, जिसे संसद ने सर्वसम्मति से पारित किया। अब जरूरत है कि आने वाले चुनावों में इस कानून को लागू किया जाए, ताकि महिलाएं सीधे तौर पर निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।

प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि आने वाले दिनों में संसद का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा और आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस विषय को राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में देखें और महिला आरक्षण को लागू करने में सहयोग दें।

उन्होंने इस अवसर को देश के सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल से भी जोड़ा। विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले त्योहारों और महान नेताओं जैसे महात्मा ज्योतिराव फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी हमें समानता, न्याय और अधिकारों की याद दिलाते हैं।

अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण केवल प्रतिनिधित्व का मुद्दा नहीं है, बल्कि ये लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ये समय सामूहिक संकल्प का है, जहां पूरे देश को मिलकर इस ऐतिहासिक बदलाव को साकार करना होगा।

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