महाराष्ट्र के पुणे जिले से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आलंदी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने जबरन उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और फिर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ये मामला पुणे के दिघी पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। शिकायत में महिला ने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को आरोपी जबरदस्ती उसके घर में घुस आए। इस दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की, गले से मंगलसूत्र छीना और फिर उसके साथ गैंगरेप किया।
संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में ये भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। महिला के मुताबिक, आरोपियों ने उस पर घर का मालिकाना हक अपने नाम करने का दबाव बनाया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि अगर संपत्ति उनके नाम नहीं की गई तो परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
महिला ने ये भी दावा किया कि आरोपी पिछले कई महीनों से उसे परेशान कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, करीब चार से पांच महीने पहले भी कुछ आरोपी उसके घर आए थे और उस समय भी कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने पीड़िता के रिश्तेदारों के साथ अभद्र व्यवहार किया और महिला को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी। पुलिस फिलहाल इन सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है।
इस मामले में अभिमन्यु अंधाले, नारायण खांडारे, श्याम महाराज राठौड़, राहुल चोरेडिया, कनिफनाथ गुलाबराव घुले, युवराज खरमाटे और एक अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
दिघी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और आवश्यक सबूत जुटाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों और पीड़िता के बीच संपत्ति को लेकर पहले से कोई विवाद था या नहीं। साथ ही घटनास्थल और आसपास के इलाकों से जुड़े साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
पुणे में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने कहा है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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