पुणे के प्रसिद्ध हिंजवड़ी आईटी पार्क से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने अपनी आईटी कंपनी में काम करने वाले सहकर्मियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला Wipro कंपनी से जुड़ा है, जहां शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उसे शादी का प्रस्ताव, धर्म परिवर्तन (इस्लाम अपनाने) का दबाव और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
क्या है पूरा मामला?
महिला कर्मचारी के अनुसार, Wipro हिंजवड़ी में कार्यरत एक मुस्लिम सहकर्मी ने बार-बार रिलेशनशिप बनाने और शादी का प्रस्ताव दिया। साथ ही इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। महिला का दावा है कि प्रस्ताव स्वीकार करने पर विदेश में बसाने का लालच भी दिया गया।
जब महिला ने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया और कंपनी के सीनियर अधिकारियों व एचआर विभाग को शिकायत की, तो स्थिति और बिगड़ गई। उसके मुताबिक शिकायत के बाद उत्पीड़न बढ़ गया। नौकरी छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया। उसके लैपटॉप के क्रेडेंशियल्स बदले गए। वर्क सिस्टम का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया, और बिना जानकारी के उसकी तरफ से इस्तीफा दे दिया गया।
महिला ने आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ अधिकारी और एचआर टीम ने मिलकर उसे नौकरी से बाहर करने की साजिश रची।
कानूनी कार्रवाई और मांगें
नौकरी खोने और मानसिक प्रताड़ना के बाद महिला ने कानूनी रास्ता अपनाया। उसके वकीलों ने Wipro कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। इसमें मुख्य मांगें शामिल हैं:
- दिए गए इस्तीफे को रद्द किया जाए।
- बकाया वेतन सहित नौकरी पर बहाल किया जाए।
- मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा।
- कंपनी से लिखित माफी।
पुलिस जांच और कंपनी का बयान
हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर बालाजी पांढरे ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस ये भी देख रही है कि कंपनी ने POSH Act (यौनिक उत्पीड़न निवारण कानून) के तहत क्या कार्रवाई की। आरोपी महिला सुपरवाइजर (जो बेंगलुरु से काम संभालती है) को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।
विप्रो कंपनी का पक्ष:
- कंपनी ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला अगस्त 2025 में ही इस्तीफा दे चुकी थी।
- उस समय उसके खिलाफ कंपनी के नियम तोड़ने की आंतरिक जांच चल रही थी।
- शिकायतकर्ता और आरोपी महिला सहकर्मी (colleagues) थीं, सीनियर-जूनियर नहीं।
- दोनों के बीच पहले भी मीटिंग कॉल पर झगड़ा हो चुका था।
- कंपनी ने पुलिस को सभी जरूरी दस्तावेज सौंप दिए हैं।
पुलिस ने ये भी बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने अभी तक अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं सौंपा है। जांच अभी जारी है।
महत्वपूर्ण पहलू
ये मामला आईटी सेक्टर में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे संवेदनशील मुद्दों को फिर से चर्चा में लाया है। हिंजवड़ी जैसे बड़े आईटी हब में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Note: यह रिपोर्ट सार्वजनिक सूत्रों पर आधारित है।






























