22 जून को अभिनेता से नेता और फिर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय का जन्मदिन है। 2026 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल करने के बाद उनकी सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में तेजी से काम शुरू किया है। चुनाव प्रचार के दौरान थलपति विजय ने उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का वादा किया था, जिस पर अब तेजी से अमल होता दिखाई दे रहा है।
तमिलनाडु में कुल चार बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है, जिनमें लगभग 1,01,632 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में 93 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
2035 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली नई सरकार ने तमिलनाडु को वर्ष 2035 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में सरकार ने कई बड़े औद्योगिक समझौतों और आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
L&T के साथ हुआ 18,600 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक समझौता
थलपति विजय सरकार के कार्यकाल का सबसे बड़ा शुरुआती निवेश समझौता इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ हुआ है। इस 18,600 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में 8,200 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस समझौते के तहत तीन प्रमुख परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
कांचीपुरम में AI डेटा सेंटर
करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत से कांचीपुरम जिले में हाइपरस्केल और एज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। ये प्रोजेक्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगा।
कोयंबटूर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
कोयंबटूर में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
तिरुवल्लुर में शिपबिल्डिंग और ग्रीन एनर्जी विस्तार
कट्टुपल्ली स्थित संयंत्र में जहाज निर्माण और ऑफशोर विंड एनर्जी परियोजनाओं के विस्तार के लिए 1,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
HD हुंडई विकसित करेगी मेगा शिपबिल्डिंग क्लस्टर
दक्षिण कोरिया की HD हुंडई (HD KSOE) के साथ भी तमिलनाडु सरकार ने एक महत्वपूर्ण परियोजना को अंतिम रूप दिया है। थूथुकुडी में लगभग 38,000 करोड़ रुपये की लागत से मेगा शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
नई शिपबिल्डिंग पॉलिसी 2026 के तहत शुरू होने वाली इस परियोजना से लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे तमिलनाडु का दक्षिणी तटीय क्षेत्र वैश्विक समुद्री उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
बिजली और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने बिजली क्षेत्र की 231 परियोजनाओं के लिए 15,032 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे को मंजूरी दी है। इसके अलावा, तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड के तहत पांच विशेष नवीकरणीय ऊर्जा जोन स्थापित किए जाएंगे।
चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, कोयंबटूर और मदुरै में विकसित किए जाने वाले इन केंद्रों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस क्षेत्र में करीब 15,058 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
औद्योगिक हब बनने की दिशा में बढ़ रहा तमिलनाडु
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़े निवेशों से तमिलनाडु न केवल देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान बना सकता है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में उठाए गए ये कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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