महाराष्ट्र के पुणे जिले में सामने आया केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) मर्डर केस पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। शुरुआत में जिस घटना को एक दर्दनाक ट्रैकिंग हादसा माना जा रहा था, वही मामला अब सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आया है। पुलिस जांच में हुए खुलासों ने सभी को हैरान कर दिया है।
पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) की मौत के पीछे उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की साजिश होने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
कौन थे केतन अग्रवाल?
केतन अग्रवाल पुणे के एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी परिवार से जुड़े थे। वो अपने पारिवारिक व्यवसाय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। परिवार के अनुसार केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे और एडवेंचर गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। उनकी सगाई फरवरी 2026 में सिया गोयल से हुई थी और दोनों की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी।
कैसे हुई घटना?
18 जून 2026 को केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के पास स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) पर ट्रैकिंग के लिए गए थे। कुछ समय बाद सूचना मिली कि केतन गहरी खाई में गिर गए हैं। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया और बताया गया कि फोटो खींचते समय उनका संतुलन बिगड़ गया था।
हालांकि परिवार ने इस दावे पर शुरुआत से ही सवाल उठाए। उनका कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे और इतनी आसानी से उनका फिसलकर गिरना संभव नहीं था। परिवार के संदेह के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गहराई से जांच शुरू की।
जांच में कैसे खुला हत्या का राज?
पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे सबूत सामने आए जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी।
CCTV फुटेज में सिया गोयल और केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) के पीछे एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने गर्मी के बावजूद हुडी पहन रखी थी। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई। पुलिस को दोनों के बीच लगातार संपर्क और संबंधों के भी प्रमाण मिले।
जांच में ये भी सामने आया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से दोनों के बीच हजारों बार बातचीत और सैकड़ों घंटों की बातचीत का खुलासा हुआ।
कैसे रची गई हत्या की साजिश?
पुलिस के अनुसार सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी और चेतन चौधरी के साथ संबंध में थी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच में ये भी सामने आया कि लोहागढ़ किले पर केतन को ले जाने के लिए कई बार प्रयास किए गए थे। यहां तक कि सिया ने केतन को ट्रैकिंग पर आने के लिए मनाने हेतु उनके परिवार की मदद भी ली थी। पुलिस को शक है कि हत्या का ये पहला प्रयास नहीं था और इससे पहले भी ऐसी कोशिश की जा चुकी थी।
पुलिस के मुताबिक किले पर पहुंचने के बाद सिया और चेतन ने केतन को गहरी खाई के पास ले जाकर धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
परिवार ने उठाए सवाल
केतन के परिवार ने शुरू से ही इस घटना को हादसा मानने से इनकार कर दिया था। परिवार का कहना था कि केतन बेहद सतर्क और अनुभवी ट्रेकर थे। उनके लगातार दबाव और शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी और फॉरेंसिक जांच तेज की, जिसके बाद हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
समाज को झकझोर देने वाला मामला
ये मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं बल्कि विश्वासघात, लालच और रिश्तों में छिपे धोखे की भयावह कहानी बनकर सामने आया है। जिस शादी की तैयारियां चल रही थीं, वही रिश्ता एक युवक की मौत की वजह बन गया। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र समेत देशभर में लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) मर्डर केस ने एक बार फिर साबित किया है कि कई बार जो घटनाएं हादसा दिखाई देती हैं, उनके पीछे गहरी साजिश छिपी हो सकती है। परिवार के संदेह, पुलिस की तकनीकी जांच और जुटाए गए सबूतों ने इस मामले को दुर्घटना से हत्या में बदल दिया। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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