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Metro 3 Flood: भारी बारिश ने डुबोया मुंबई मेट्रो 3 का आचार्य अत्रे चौक स्टेशन, MMRC ने शुरू की मरम्मत

Metro 3 Flood: भारी बारिश ने डुबोया मुंबई मेट्रो 3 का आचार्य अत्रे चौक स्टेशन, MMRC ने शुरू की मरम्मत

Metro 3 Flood: मुंबई, भारत का वह शहर जो अपनी तेज़ रफ्तार और सपनों के लिए जाना जाता है, हर मानसून में प्रकृति की चुनौतियों का सामना करता है। इस बार, 26 मई 2025 को, भारी बारिश ने शहर की नई चमकती मुंबई मेट्रो 3 (Mumbai Metro 3) के आचार्य अत्रे चौक स्टेशन को पानी में डुबो दिया। यह स्टेशन, जो हाल ही में उद्घाटन के बाद सुर्खियों में था, अचानक बंद करना पड़ा क्योंकि पास के सांडपानी नाले का पानी इसके निर्माणाधीन प्रवेश-निकास द्वार में घुस गया। आचार्य अत्रे चौक (Acharya Atre Chowk) स्टेशन में पानी की लहरें सीढ़ियों से नीचे उतरती दिखीं, और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने लोगों को हैरान कर दिया। यह घटना मुंबई की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के सामने मानसून की चुनौतियों को उजागर करती है।

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिड़े ने इस घटना की वजह बताई। उन्होंने कहा कि डेढ़ घंटे में 90 मिलीमीटर की भारी बारिश और समुद्र में उच्च ज्वार (हाई टाइड) ने मिलकर सांडपानी नालों को जाम कर दिया। नाले का पानी समुद्र में जाने के बजाय उल्टा स्टेशन की ओर बढ़ा। आचार्य अत्रे चौक (Acharya Atre Chowk) स्टेशन, जो मुंबई मेट्रो 3 (Mumbai Metro 3) का अंतिम स्टेशन है, अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। इसके छह प्रवेश-निकास द्वारों में से केवल दो ही चालू हैं, और बाकी चार का निर्माण चल रहा है। एक निर्माणाधीन द्वार के पास बने गड्ढे में करीब 11 लाख लीटर पानी जमा हो गया, जो मिट्टी के कटाव के कारण स्टेशन के कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया।

भिड़े ने बताया कि इस गड्ढे को रोकने के लिए एक अस्थायी जल-रोक दीवार (बंड वॉल) बनाई गई थी, लेकिन इतनी भारी बारिश और ज्वार के दबाव को यह झेल नहीं पाई। पानी ने स्टेशन को जलमग्न कर दिया, और तस्वीरों में सीढ़ियों से बहता पानी और भीग चुकी टिकट मशीनें दिखाई दीं। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे “मेट्रो में झरना” कहकर तंज कसा। लेकिन भिड़े ने साफ किया कि यह एक दुर्लभ घटना थी, और स्टेशन की मुख्य संरचना, यानी सुरंग और ट्रैक, पूरी तरह सुरक्षित रहे। इस वजह से आरे जेवीएलआर से वरली तक मेट्रो सेवाएं बिना रुकावट चलती रहीं, और उस दिन भी 40,000 यात्रियों ने इस लाइन का उपयोग किया।

MMRC ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आपदा नियंत्रण प्रणाली (डिजास्टर कंट्रोल सिस्टम) को सक्रिय किया गया, और स्टेशन में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मंगलवार सुबह 6:30 बजे से मेट्रो सेवाएं फिर से शुरू हो गईं, लेकिन आचार्य अत्रे चौक (Acharya Atre Chowk) स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद रखा गया। MMRC की इंजीनियरिंग और सुरक्षा टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि स्टेशन को फिर से चालू किया जा सके। भिड़े ने बताया कि एक मजबूत और स्थायी जल-रोक दीवार बनाई जा रही है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो-तीन महीनों में बाकी प्रवेश-निकास द्वार पूरे होने के बाद ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी।

मुंबई मेट्रो 3 (Mumbai Metro 3) शहर की यातायात व्यवस्था को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। 33.5 किलोमीटर लंबी यह लाइन कोलाबा से बांद्रा और SEEPZ तक जाती है, और इसका 22 किलोमीटर हिस्सा 16 स्टेशनों के साथ चालू हो चुका है। हर दिन 45,000 से 50,000 यात्री इस लाइन का उपयोग कर रहे हैं। इस परियोजना की लागत 37,000 करोड़ रुपये है, और इसे मुंबई की भीड़भाड़ को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन इस बाढ़ की घटना ने इसकी तैयारियों पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने MMRC की आलोचना की। कुछ ने इसे “खराब योजना” का नतीजा बताया, तो कुछ ने मज़ाक में कहा कि मेट्रो स्टेशन अब “वॉटर पार्क” बन गया है। विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया। लेकिन भिड़े ने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मेट्रो के आपातकालीन सिस्टम ने सही समय पर काम किया, और ट्रेनों को आचार्य अत्रे चौक से पहले वरली स्टेशन पर मोड़ने की व्यवस्था ने सेवाओं को सुचारू रखा।

मुंबई में मानसून हर साल नई चुनौतियां लाता है। इस साल भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 16 दिन पहले मानसून की शुरुआत की घोषणा की, जो 1950 के बाद सबसे जल्दी है। भारी बारिश ने न केवल मेट्रो स्टेशन, बल्कि कोलाबा, मालाबार हिल, और हाजी अली जैसे इलाकों में भी जलभराव की स्थिति पैदा की। BMC ने मानसून से पहले नालों की सफाई और डीवाटरिंग पंप लगाने का दावा किया था, लेकिन यह घटना बताती है कि शहर को अभी और बेहतर तैयारियों की जरूरत है।

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