मुंबई के मार्वे पठारे वाडी क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पी नॉर्थ वार्ड और जिला कलेक्टर कार्यालय की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर 23 अवैध गोदामों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 25,000 स्क्वायर फीट सरकारी और निजी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
संयुक्त टीम की सख्त कार्रवाई
ये अभियान जोन 4 की डीएमसी भाग्यश्री कापसे के मार्गदर्शन में चलाया गया। पी नॉर्थ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर कुंदन वलवी और एडिशनल कलेक्टर गणेश मिसाल की देखरेख में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट इंजीनियर राजेश सोनावने और सब इंजीनियर सुहास घोलप ने किया। पूरी कार्रवाई में 2 जेसीबी मशीनें तैनात की गईं। इसके अलावा 16 अधिकारी और 30 मजदूरों की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सभी अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया।
किस काम में हो रहा था उपयोग?
मिली जानकारी के अनुसार, जिन गोदामों को हटाया गया, उनका उपयोग शूटिंग और शादी समारोहों में इस्तेमाल होने वाले सामान को रखने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, संबंधित निर्माणों के पास आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते इन्हें अवैध माना गया।
प्रशासन का सख्त संदेश

डीएमसी भाग्यश्री कापसे ने स्पष्ट कहा कि मुंबई में अवैध निर्माण और भू-माफियाओं की गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी दबाव डालता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है।
मार्वे पठारे वाडी में हुई यह कार्रवाई मुंबई में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और इसे प्रशासन की सख्त कार्यशैली के तौर पर देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र कर्जमाफी: 6.56 लाख किसानों का 7 साल का इंतज़ार होगा खत्म, सरकार ने खोला ₹5,975 करोड़ का पिटारा































