कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर संवैधानिक टकराव चरम पर है। एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पिछले पांच दिनों से जारी धरना भले ही देर रात समाप्त हो गया हो, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों ने नई राजनीतिक चिंगारी सुलगा दी है। सीवी आनंद बोस की जगह RN Ravi को बंगाल का नया राज्यपाल बनाए जाने के केंद्र के फैसले पर ममता बनर्जी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या की साजिश’ करार दिया है।
“क्या राष्ट्रपति शासन की तैयारी है?” – ममता का सीधा प्रहार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि जिस राज्यपाल (RN Ravi) ने तमिलनाडु में सरकार और संविधान के बीच निरंतर टकराव की स्थिति पैदा की, उन्हें बंगाल की जिम्मेदारी सौंपना कई गहरे संदेह पैदा करता है।
ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर केंद्र को ललकारते हुए पूछा:
क्या केंद्र सरकार बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की योजना बना रही है? अगर ऐसा है, तो लगा दीजिए राष्ट्रपति शासन, हमारे लिए वही अच्छा है। हम जनता की अदालत मेंजाने को तैयार हैं।
आरएन रवि की नियुक्ति पर क्यों है विवाद?
आरएन रवि (RN Ravi) इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल रह चुके हैं, जहाँ राज्य सरकार के साथ उनके मतभेद राष्ट्रीय सुर्खियों में रहे थे। ममता बनर्जी का तर्क है कि बंगाल जैसे संवेदनशील राज्य में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति का उद्देश्य केवल राज्य सरकार के कामकाज में बाधा डालना और चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना है।
टीएमसी का धरना और एसआईआर का मुद्दा
5 दिन का संघर्ष: टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं का धरना पांचवें दिन देर रात खत्म हुआ। यह धरना चुनाव आयोग की निष्पक्षता और एसआईआर के नियमों को लेकर भाजपा के हस्तक्षेप के खिलाफ था।
आरोप: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं।
रणनीति: धरना खत्म होने के बाद अब टीएमसी इस मुद्दे को राज्य के हर जिले और गांव तक ले जाने की तैयारी में है।
बंगाल की राजनीति का नया समीकरण
घटनाक्रम ममता बनर्जी का रुख
राज्यपाल का बदलाव सीवी आनंद बोस की जगह आरएन रवि की नियुक्ति को ‘साजिश’ बताया।
तमिलनाडु कनेक्शन आरएन रवि के पिछले विवादों को बंगाल में अस्थिरता का संकेत करार दिया।
संवैधानिक चुनौती राष्ट्रपति शासन की बातों पर कड़ा पलटवार और चुनाव की चुनौती।
आंदोलन का रुख धरना समाप्त, लेकिन अब जमीनी स्तर पर विरोध तेज करने का संकेत।
टकराव के मुहाने पर बंगाल
आरएन रवि (RN Ravi) की नियुक्ति ने बंगाल में केंद्र और राज्य के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है। जहाँ भाजपा इसे प्रशासनिक बदलाव बता रही है, वहीं ममता बनर्जी इसे ‘बदले की राजनीति’ और राष्ट्रपति शासन की ‘रिहर्सल’ मान रही हैं। आने वाले दिनों में राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय के बीच का यह तनाव बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेगा।
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