नई दिल्ली/कांडला: मार्च महीने के शुरुआती 15 दिनों में भारतीय ईंधन बाजार से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। एक ओर जहां रसोई गैस (LPG) की किल्लत और आपूर्ति बाधाओं के चलते इसकी खपत में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर वाहनों की बढ़ती रफ्तार ने पेट्रोल और डीजल की मांग को नए शिखर पर पहुंचा दिया है।
LPG बाजार में बड़ी गिरावट: किल्लत का साफ असर
देश के 90% मार्केट शेयर पर कब्जा रखने वाली तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों के ताजा आंकड़े बताते हैं कि मार्च के पहले पखवाड़े में रसोई गैस की मांग में भारी कमी आई है।
* सालाना तुलना: पिछले साल इसी अवधि में LPG की खपत 1.387 मिलियन टन थी, जो इस साल 17.7% गिरकर 1.147 मिलियन टन रह गई है।
* मासिक तुलना: यदि फरवरी के पहले पखवाड़े से तुलना की जाए, तो मार्च में खपत में 26.3% की भारी गिरावट देखी गई है। यह गिरावट सीधे तौर पर बाजार में गैस की उपलब्धता में आई कमी और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आए व्यवधानों की ओर इशारा करती है।
राहत की खबर: कांडला पहुंचा ‘नंदा देवी’ टैंकर
आपूर्ति में आई इस बाधा को दूर करने के लिए सरकार और तेल कंपनियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। इसी क्रम में, होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलकर एलपीजी से लदा दूसरा बड़ा टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार सुबह गुजरात के कांडला बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है। इस टैंकर के आने से आगामी हफ्तों में गैस की किल्लत कम होने और आपूर्ति सामान्य होने की प्रबल संभावना है।
पेट्रोल और डीजल की मांग में ‘रफ्तार’
LPG के विपरीत, परिवहन ईंधन के मोर्चे पर आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं। आर्थिक गतिविधियों में तेजी और यात्राओं में बढ़ोतरी के कारण पेट्रोल और डीजल की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि हुई है। देश में कृषि गतिविधियों और माल ढुलाई (Logistics) में तेजी बनी हुई है।
बाजार विश्लेषण: क्यों बदला समीकरण?
विशेषज्ञों का मानना है कि LPG की खपत में गिरावट का मुख्य कारण आपूर्ति में देरी और किल्लत है, जिसने उपभोक्ताओं को वैकल्पिक साधनों या पुराने स्टॉक के इस्तेमाल पर मजबूर किया है। वहीं, मार्च महीने में मौसम में बदलाव और परीक्षाओं/छुट्टियों के सीजन की शुरुआत ने पेट्रोल की मांग को हवा दी है।
सरकार की प्राथमिकता अब कांडला पहुंचे नए स्टॉक को जल्द से जल्द बॉटलिंग प्लांट तक पहुंचाकर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की होगी। उम्मीद है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े में ‘नंदा देवी’ के आगमन के बाद गैस वितरण की स्थिति में सुधार दिखेगा।































