महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में राशन का केरोसिन वितरण हुआ ‘अपग्रेड’: डीलर कमीशन दोगुना, परिवहन दरों में 40% की भारी बढ़ोतरी

केरोसिन
Image Source - Web

महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन (मिट्टी का तेल) के वितरण को अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केरोसिन के कमीशन और परिवहन दरों में संशोधन के आदेश जारी किए। यह निर्णय उन क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जहाँ आज भी खाना पकाने के लिए केरोसिन एक अनिवार्य ईंधन है।

क्यों पड़ी संशोधन की जरूरत?
वर्तमान में एलपीजी (LPG) की उपलब्धता में आ रही कुछ तकनीकी कमियों और बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को वैकल्पिक ईंधन के रूप में 3,744 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया है। इस आवंटित कोटे को आम जनता तक बिना किसी रुकावट के पहुँचाने के लिए वितरण श्रृंखला (Supply Chain) को आर्थिक रूप से मजबूत करना आवश्यक था।

नए आदेश के मुख्य बिंदु (1 अप्रैल से प्रभावी):
राज्य सरकार ने थोक विक्रेताओं और डीलरों के नुकसान की भरपाई और उनके मुनाफे को संतुलित करने के लिए निम्नलिखित बदलाव किए हैं:

* डीलर कमीशन में 100% वृद्धि: केरोसिन डीलरों के कमीशन को 675 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1,350 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है। कमीशन दोगुना होने से डीलरों की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
* परिवहन लागत (Transport Rates): डीजल के खर्च को छोड़कर, परिवहन से जुड़ी अन्य परिचालन लागतों में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इससे दुर्गम क्षेत्रों तक केरोसिन पहुँचाना आसान होगा।
* अतिरिक्त भत्ता: थोक लाइसेंस धारकों को होने वाले संभावित घाटे की भरपाई के लिए डिपो मूल्य पर 0.25 प्रतिशत का अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया गया है।

आम आदमी पर प्रभाव
सरकार के इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवंटित केरोसिन की एक-एक बूंद लक्षित लाभार्थियों तक पहुँचे। कमीशन और परिवहन दरों में वृद्धि के बाद वितरकों की वह शिकायत दूर हो जाएगी जिसमें वे कम मार्जिन के कारण वितरण में रुचि नहीं दिखाते थे।

आदेश के अनुसार, संशोधित दरें 1 अप्रैल, 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी मानी जाएंगी।
निष्कर्ष: सरकार का यह निर्णय ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। कमीशन बढ़ने से कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और राशन की दुकानों के माध्यम से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

ये भी पढ़ें: एयरपोर्ट पर ‘ब्लिंकिट’ की एंट्री: अब बोर्डिंग गेट पर मिलेगा चार्जर और नाश्ता, मुंबई में शुरू हुई देश की पहली इन-टर्मिनल डिलीवरी सेवा

You may also like