महाराष्ट्र

वाशी में गैस सिलेंडर गोदाम बंदी पर बवाल: उप-महापौर ने पुलिस को लिखा पत्र, खाड़ी युद्ध के बीच गहराया आपूर्ति का संकट

वाशी
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नवी मुंबई। एक तरफ पश्चिम एशिया के युद्ध ने वैश्विक स्तर पर गैस की आपूर्ति को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर नवी मुंबई के वाशी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर लिए गए एक फैसले ने नागरिकों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। वाशी सेक्टर-5 स्थित गैस सिलेंडर गोदाम को बंद किए जाने से स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर नवी मुंबई मनपा के उप-महापौर दशरथ भगत ने पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

गोदाम शिफ्टिंग से उपजा असंतोष
वाशी सेक्टर-5 में वर्षों से संचालित गैस गोदाम को सिडको (CIDCO) द्वारा खाली कराए जाने के बाद, इसे तुर्भे और जुहूगांव जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। उप-महापौर दशरथ भगत के अनुसार, इस फैसले से स्थानीय उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब नागरिकों को गैस सिलेंडर के लिए अपने क्षेत्र को छोड़कर दूसरे इलाकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।

खाड़ी युद्ध और गैस की किल्लत का दोहरा वार
उप-महापौर ने अपने पत्र में स्थिति की गंभीरता स्पष्ट करते हुए कहा कि:
* आपूर्ति में कमी: खाड़ी देशों में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कमी बनी हुई है।
* स्थानीय संकट: ऐसे संकटपूर्ण समय में चालू गोदाम को बंद करना ‘आग में घी’ डालने जैसा काम कर रहा है।
* ग्राहकों की नाराजगी: आपूर्ति कम होने और ऊपर से वितरण केंद्र (गोदाम) के दूर हो जाने से उपभोक्ताओं और गैस एजेंसी के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है।
पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

दशरथ भगत ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में समन्वय स्थापित नहीं किया गया, तो नागरिकों का आक्रोश सार्वजनिक आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने अपने पत्र में प्रमुख मांगें रखी हैं:

* समन्वय: पुलिस प्रशासन गैस एजेंसी और ग्राहकों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दे।
* वाशी में ही बहाली: सेक्टर-5 की गैस सेवा को तत्काल प्रभाव से उसी क्षेत्र में फिर से शुरू किया जाए।
* सुरक्षा और सुविधा: नागरिकों को जुहूगांव या तुर्भे जाने के लिए मजबूर न किया जाए, क्योंकि इससे यातायात और सुरक्षा संबंधी अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

आम जनता की परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी जरूरत के लिए इतनी दूर जाना व्यावहारिक नहीं है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और कामकाजी परिवारों के लिए यह एक अतिरिक्त मानसिक और आर्थिक बोझ बन गया है। सिडको और गैस एजेंसी के बीच की इस खींचतान में आम आदमी पिस रहा है।

युद्ध की स्थिति के कारण गैस की आपूर्ति पहले से ही प्रभावित है। ऐसे में सिडको द्वारा वाशी का गोदाम बंद करना पूरी तरह गलत है। हमने पुलिस से मांग की है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सुविधा के लिए वाशी में ही गैस वितरण सुनिश्चित किया जाए।” दशरथ भगत, उप-महापौर, नवी मुंबई

वाशी का यह विवाद अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन और सिडको मिलकर नागरिकों की इस समस्या का क्या समाधान निकालते हैं।

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