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महाराष्ट्र: Ashok Kharat पर ED की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी

Ashok Kharat
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महाराष्ट्र में कथित तौर पर धर्म की आड़ में लोगों को ठगने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत सोमवार को ईडी ने राज्य के कई शहरों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया, जिससे पूरे मामले में नए खुलासों की संभावना बढ़ गई है।

कई शहरों में एक साथ छापेमारी

अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमों ने नासिक, पुणे और शिरडी में कुल मिलाकर कई परिसरों पर छापेमारी की।

  • नासिक में 5 ठिकानों की जांच
  • पुणे और शिरडी में 3-3 स्थानों पर कार्रवाई

इन छापों में अशोक खरात (Ashok Kharat) के आवास, उससे जुड़े व्यावसायिक ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और सहकारी ऋण समितियों की शाखाओं को शामिल किया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

ईडी ने ये कार्रवाई नासिक पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की है। 6 अप्रैल को अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

नासिक पुलिस ने पहले ही खरात पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें:

  • महिलाओं से जबरन वसूली
  • धर्म के नाम पर धोखाधड़ी
  • यौन शोषण जैसे संगीन अपराध शामिल हैं

फर्जी बैंक खातों के जरिए लेन-देन का आरोप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खरात ने सहकारी ऋण समितियों में तीसरे पक्ष के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए थे।

  • इन खातों में खुद को नामिनी बनाया गया
  • खातों के संचालन के लिए अपना मोबाइल नंबर जोड़ा
  • वित्तीय लेन-देन पर पूरी तरह नियंत्रण रखा

ईडी को शक है कि इन खातों के जरिए अवैध रूप से कमाया गया पैसा इधर-उधर ट्रांसफर किया गया।

‘पवित्र वस्तुओं’ के नाम पर ठगी

जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि अशोक खरात (Ashok Kharat) आम वस्तुओं को ‘पवित्र’ बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें दैवीय शक्तियां हैं।
बताया जा रहा है कि इस तरह लोगों से बड़ी रकम वसूली गई, जिसे बाद में उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से जमीन के सौदों में निवेश किया गया।

पहले से दर्ज हैं कई मामले

नासिक पुलिस ने मार्च में एक विवाहित महिला की शिकायत के बाद खरात को गिरफ्तार किया था। महिला ने उस पर तीन साल तक कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
अब तक उसके खिलाफ कुल 8 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। हाल ही में एक अदालत ने उसे एक गर्भवती महिला के यौन शोषण के मामले में 20 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

बैंक खातों को लेकर पूछताछ जारी

मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर से भी पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, उनके और उनके बेटे के नाम पर सहकारी संस्था में मौजूद खातों के विवरण जुटाने के लिए ये पूछताछ की जा रही है।

अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ चल रही ये जांच न केवल मनी लॉन्ड्रिंग बल्कि धर्म के नाम पर किए गए कथित अपराधों की गंभीरता को भी उजागर करती है। ईडी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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