महाराष्ट्र

जलगांव में क्रिकेट फाइनल से पहले पिच पर शख्स ने चलाया ट्रैक्टर, वायरल हुआ वीडियो

जलगांव
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महाराष्ट्र के जलगांव जिले के धरनगांव से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान खेल भावना को ठेस पहुंचाने वाला मामला देखने को मिला। ‘जलगांव रूरल एमएलए कप’ के फाइनल मुकाबले से ठीक पहले एक व्यक्ति ने क्रिकेट पिच पर ट्रैक्टर चला दिया, जिससे पूरा मैच बाधित हो गया और आयोजन ठप पड़ गया।

फाइनल मुकाबले के दौरान हुई घटना
ये घटना उस समय हुई जब टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शुरू होने वाला था और मैदान पर खिलाड़ी व दर्शक बड़ी संख्या में मौजूद थे। अचानक एक व्यक्ति ट्रैक्टर लेकर मैदान में घुस आया और उसने सीधे पिच को जोत दिया। कुछ ही मिनटों में पिच पूरी तरह खराब हो गई, जिसके बाद मैच कराना संभव नहीं रह गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों को स्तब्ध कर दिया।

पुलिस में नहीं दर्ज हुई है शिकायत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना के पीछे स्थानीय स्तर पर चल रही राजनीतिक रंजिश को कारण माना जा रहा है। हालांकि अब तक इस मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है, लेकिन ये स्पष्ट है कि खेल आयोजन के बीच इस तरह का हस्तक्षेप कई गंभीर सवाल खड़े करता है। खास बात ये है कि खबर लिखे जाने तक इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

रोमांचक मोड़ पर था मैच
घटना के समय मैच रोमांचक मोड़ पर था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CLASS ONE 11 की टीम ने 7.5 ओवर में 56 रन बनाकर 5 विकेट गंवा दिए थे। बल्लेबाजी में हर्षल पी. ने 21 रन बनाए थे, जबकि विशाल पी. 9 रन पर खेल रहे थे। वहीं गेंदबाजी में प्रज्वल आर. ने दो विकेट लेकर मैच को संतुलित स्थिति में ला दिया था। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प दिशा में बढ़ रहा था, लेकिन अचानक हुए इस हंगामे ने खेल को बीच में ही रोक दिया।

 

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इस घटना ने स्थानीय खेल समुदाय में नाराजगी पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि जिस मंच पर युवा खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करने आते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं न केवल खेल भावना के खिलाफ हैं, बल्कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के प्रति उत्साह को भी प्रभावित करती हैं।

ये मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि स्थानीय स्तर पर भी खेल आयोजन अब राजनीतिक विवादों से अछूते नहीं रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे आयोजनों को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि खेल की गरिमा बनी रहे और खिलाड़ियों को बिना किसी बाधा के अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।

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