मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की तस्वीर बदलने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई 3.0’अब हकीकत के बेहद करीब है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने अटल सेतु (MTHL) को सीधे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले कनेक्टर के निर्माण में बड़ी सफलता हासिल की है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई, नवी मुंबई और पुणे के बीच की दूरी केवल किलोमीटर में नहीं, बल्कि मिनटों में सिमट जाएगी।
इंजीनियरिंग का कमाल: निर्माण कार्य में आई भारी तेजी
परियोजना की प्रगति के आंकड़े गवाह हैं कि काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण पड़ाव (Milestones) पार कर लिए गए हैं:
नींव का कार्य: कुल १७६ नींव स्थलों में से *१४३* का काम पूरा हो चुका है।
पियर्स और स्ट्रक्चर: १४१स्थानों पर पियर्स (खंभे) खड़े किए जा चुके हैं और ८८ पियर कैप्स का काम संपन्न हो गया है।
गर्डर्स का निर्माण: कुल ८३० प्रीकास्ट गर्डर्स में से ६५३का निर्माण पूरा हो चुका है।
सड़क चौड़ीकरण: पलस्पे क्षेत्र में सर्विस रोड और स्लिप रोड के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से जारी है।

कनेक्टर की खासियतें
यह ७.३५ किमी लंबा और छह लेन वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर चिरले और पलस्पे के माध्यम से सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. निर्बाध यात्रा: शिवड़ी से अटल सेतु होते हुए वाहन चालक बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे।
2. हवाई अड्डे तक पहुंच: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) के लिए यह मार्ग सबसे सुगम और तेज़ रास्ता साबित होगा।
3. समय की बचत: घंटों का सफर मिनटों में बदल जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।
मुंबई 3.0′ और ‘मुंबई इन मिनट्स’ का सपना
MMRDA की यह योजना केवल एक पुल नहीं, बल्कि एक एकीकृत यातायात धुरी (Transport Hub)बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। समुद्री पुल, एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क के तालमेल से ‘मुंबई 3.0’ की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि नवी मुंबई के आसपास नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र विकसित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इस कनेक्टिविटी के माध्यम से छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए मुंबई और पुणे के बीच दैनिक आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। ‘मुंबई इन मिनट्स’ का हमारा उद्देश्य घंटों की यात्रा को मिनटों में बदलना है।
डॉ. संजय मुखर्जी, महानगर आयुक्त, MMRDA
लक्ष्य: फरवरी २०२७
परियोजना को फरवरी २०२७ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कॉरिडोर न केवल मुंबई पर आबादी के दबाव को कम करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक उत्पादकता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। आने वाले समय में, पुणे में रहकर मुंबई में नौकरी करना या मुंबई से पुणे की पढ़ाई के लिए जाना एक सुखद और तेज़ अनुभव होने वाला है।
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