भारतीय रेलवे यात्रियों के सफर को सुगम और तकनीक-युक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मध्य रेल (Central Railway) द्वारा शुरू की गई मोबाइल यूटीएस सहायक’ (M-UTS Assistants) सेवा एक गेम-चेंजर साबित हुई है। पिछले छह महीनों में इन सहायकों ने न केवल यात्रियों का समय बचाया है, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी भारी बढ़ोत्तरी की है।
भीड़ से मिली राहत: 5.40 लाख यात्रियों को सुविधा
मध्य रेल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच इन सहायकों ने 5.40 लाख यात्रियोंको अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान कुल 3.86 लाख टिकटजारी किए गए, जिससे रेलवे को 6.89 करोड़ रुपये का वाणिज्यिक राजस्व प्राप्त हुआ। विशेष रूप से अप्रैल 2026 के महीने में, जब गर्मी की छुट्टियों के कारण स्टेशनों पर भारी भीड़ रहती है, इन सहायकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। केवल एक महीने में 1.72 लाख यात्रियोंको टिकट जारी कर 2.22 करोड़ रुपयेका राजस्व जुटाया गया।
कैसे काम करती है यह सुविधा?
मोबाइल यूटीएस सहायक आधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो पारंपरिक टिकट खिड़की को यात्रियों के पास ले जाते हैं:
हैंडहेल्ड डिवाइस: सहायकों के पास एक मोबाइल फोन और एक छोटी पोर्टेबल टिकट प्रिंटिंग मशीन होती है।
चलती-फिरती खिड़की: ये सहायक स्टेशन के कॉनकोर्स, वेटिंग एरिया और परिसर में घूम-घूमकर यात्रियों को टिकट प्रदान करते हैं।
लचीला भुगतान: यात्री अपनी सुविधा के अनुसार नकद (Cash)या डिजिटल (UPI/Card)माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर ये सहायक काउंटर के अंदर बैठकर भी टिकट जारी कर सकते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों को उनके स्थान पर ही टिकट की सुविधा देना है।” – डॉ. स्वप्नील निला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल

बिना टिकट यात्रा पर लगा अंकुश
इस पहल का एक बड़ा सकारात्मक प्रभाव बिना टिकट यात्रा में आई कमी के रूप में देखा जा रहा है। अक्सर स्टेशनों पर भारी भीड़ और लंबी लाइनों के डर से कई यात्री बिना टिकट ट्रेन में चढ़ने का जोखिम उठाते थे। अब मौके पर ही टिकट उपलब्ध होने से यात्रियों के लिए नियमों का पालन करना आसान हो गया है।
सफलता का सफर: 3 सहायकों से हुई थी शुरुआत
इस सुविधा की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर केवल 3 सहायकोंके साथ हुई थी। यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और ग्रीष्मकालीन भीड़ को देखते हुए जनवरी 2026 में इनकी संख्या बढ़ाकर 8कर दी गई।
मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा को तनावमुक्त और समय की बचत करने के लिए इन मोबाइल यूटीएस सहायकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।




























