मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों और रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। 4 अगस्त 2026 को घाटकोपर स्टेशन पर ‘फोर्ट्रेस टिकट चेकिंग ड्राइव’ चलाया गया। इस विशेष जांच अभियान के दौरान कुल 265 मामलों में यात्रियों और अन्य उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई करते हुए ₹1,26,330 का जुर्माना वसूला गया।
इस अभियान में रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ RPF के जवानों ने भी हिस्सा लिया। कुल 15 टिकट जांच कर्मचारियों (TTEs) और 5 RPF कर्मियों की टीम ने स्टेशन पर यात्रियों के टिकट और अन्य नियमों की जांच की।
सबसे ज्यादा कार्रवाई सेकेंड क्लास बिना टिकट यात्रियों पर
जांच अभियान के दौरान सबसे ज्यादा मामले सेकेंड क्लास में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के सामने आए। ऐसे कुल 192 यात्रियों पर कार्रवाई की गई और उनसे ₹97,870 का जुर्माना वसूला गया।
ये कुल वसूले गए जुर्माने का सबसे बड़ा हिस्सा रहा। रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करता है कि वे निर्धारित श्रेणी और दूरी के अनुसार वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें।
फर्स्ट क्लास में बिना टिकट यात्रा पर भी कार्रवाई
फोर्ट्रेस टिकट चेकिंग अभियान में फर्स्ट क्लास में बिना टिकट यात्रा करने वाले 16 यात्री भी पकड़े गए। इन मामलों में कुल ₹9,095 का जुर्माना वसूला गया।
फर्स्ट क्लास कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए संबंधित श्रेणी का वैध टिकट या पास होना जरूरी है। बिना टिकट या गलत श्रेणी में यात्रा करने पर रेलवे नियमों के तहत अतिरिक्त किराया और जुर्माना लगाया जा सकता है।
AC टिकट के बिना यात्रा करने वाले 2 यात्री पकड़े गए
अभियान के दौरान 2 यात्रियों को AC टिकट के बिना यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इनसे कुल ₹1,155 का जुर्माना वसूला गया।
रेलवे में AC श्रेणी में यात्रा करने के लिए संबंधित श्रेणी का वैध टिकट होना जरूरी है। सामान्य टिकट के आधार पर AC कोच में यात्रा करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
डिफरेंस फेयर के 15 मामले
जांच के दौरान ऐसे 15 मामले भी सामने आए, जिनमें यात्रियों को निर्धारित किराए और वास्तविक यात्रा के बीच का अंतर यानी Difference Fare देना पड़ा।
इन मामलों से रेलवे ने कुल ₹8,420 की राशि वसूली।
ऐसे मामले तब सामने आ सकते हैं जब यात्री अपने टिकट की अनुमति से अलग श्रेणी या दूरी में यात्रा करता है और उसे अतिरिक्त किराया देना पड़ता है।
बिना बुक किए सामान पर भी कार्रवाई
रेलवे ने केवल टिकट की जांच ही नहीं की, बल्कि यात्रियों के सामान से जुड़े नियमों पर भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 38 Unbooked Luggage Cases पकड़े गए।
इन मामलों में कुल ₹5,790 का जुर्माना वसूला गया।
रेलवे में निर्धारित सीमा से अधिक या ऐसे सामान को बिना उचित बुकिंग के ले जाना, जिस पर बुकिंग जरूरी हो, नियमों का उल्लंघन हो सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपने सामान से जुड़े रेलवे नियमों की जानकारी रखने की सलाह दी जाती है।
हॉकर और दिव्यांग सुविधा के दुरुपयोग पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान एक हॉकर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए निर्धारित सुविधा के दुरुपयोग का एक मामला सामने आया।
दोनों मामलों में ₹2,000-₹2,000 का जुर्माना, यानी कुल ₹4,000 की कार्रवाई की गई।
इससे साफ है कि रेलवे का टिकट चेकिंग अभियान केवल बिना टिकट यात्रियों तक सीमित नहीं था, बल्कि स्टेशन और ट्रेन में लागू विभिन्न नियमों के पालन की भी जांच की गई।
15 TTE और 5 RPF कर्मियों ने संभाला मोर्चा
घाटकोपर स्टेशन पर चलाए गए इस विशेष अभियान में रेलवे के 15 TTE और 5 RPF कर्मी शामिल रहे। टीम ने यात्रियों के टिकट, यात्रा श्रेणी और सामान से संबंधित नियमों की जांच की।
रेलवे की ओर से समय-समय पर ऐसे विशेष टिकट जांच अभियान चलाए जाते हैं। इनका उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना और यात्रियों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना है।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
घाटकोपर में हुई कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट है कि रेलवे टिकट नियमों को लेकर सख्ती बरत रहा है। यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट लें, सही श्रेणी के कोच में यात्रा करें और सामान से जुड़े नियमों का पालन करें।
बिना टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे विशेष टिकट जांच अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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